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अब तय होगा किसे मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, बिजनौर में शुरू हुई बड़ी प्रक्रिया

बिजनौर में शुरू हुई बड़ी कवायद: अब सही जरूरतमंदों तक पहुंचेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, PWL सूची बनाने के लिए अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

प्लस सर्वे-2024 के आंकड़ों पर होगी पात्र परिवारों की पहचान, सीडीओ ने कहा—पारदर्शिता से तैयार हो सूची, किसी पात्र का हक न छूटे
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी

एक नजर में

🔹 प्लस सर्वे-2024 के आधार पर बनेगी PWL सूची
🔹 विकास भवन में आयोजित हुई विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला
🔹 सीडीओ रण विजय सिंह ने पारदर्शिता और गुणवत्ता पर दिया जोर
🔹 अधिकारियों-कर्मचारियों को सूची निर्माण की बारीकियां समझाई गईं
🔹 पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मिलेगी मदद

बिजनौर। सरकारी योजनाओं का लाभ आखिर किसे मिले और कौन वास्तव में उसका हकदार है, यह तय करने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया को लेकर बिजनौर प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले में प्लस सर्वे-2024 के आधार पर पीडब्ल्यूएल (PWL) सूची तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विकास भवन सभागार में विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने की।

यह सूची आने वाले समय में कई जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान का आधार बनेगी। ऐसे में प्रशासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे और अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ न मिल सके।

क्यों महत्वपूर्ण है PWL सूची?

सरकार की अधिकांश योजनाएं पात्रता के आधार पर संचालित होती हैं। ऐसे में सही लाभार्थियों की पहचान सबसे बड़ी चुनौती होती है। प्लस सर्वे-2024 के दौरान जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर तैयार होने वाली पीडब्ल्यूएल सूची इसी चुनौती का समाधान मानी जा रही है।

यह सूची प्रशासन को यह तय करने में मदद करेगी कि किस परिवार की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति क्या है तथा किसे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए।

सीडीओ का स्पष्ट संदेश—गलती की कोई गुंजाइश नहीं

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सूची निर्माण का कार्य पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण आंकड़ों का गहन सत्यापन किया जाए और हर जानकारी को निर्धारित मानकों के अनुरूप परखा जाए।

उन्होंने कहा कि यदि सूची निर्माण में लापरवाही बरती गई तो इसका सीधा असर जरूरतमंद लोगों पर पड़ेगा। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करे।

तकनीकी जानकारी से लैस किए गए कर्मचारी

कार्यशाला में परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी और उपायुक्त मनरेगा ने भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सूची तैयार करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। प्रशिक्षण के दौरान डेटा सत्यापन, पात्रता निर्धारण, रिकॉर्ड प्रबंधन और सूची तैयार करने के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई।

अधिकारियों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रक्रिया को समझाया, ताकि जमीनी स्तर पर किसी प्रकार की दिक्कत न आए।

योजनाओं की सफलता का आधार बनेगी यह सूची

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि पीडब्ल्यूएल सूची सही और निष्पक्ष तरीके से तैयार होती है तो भविष्य में गरीब, जरूरतमंद और वंचित परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र लोगों का हक सुनिश्चित होगा।

बिजनौर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यशाला केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं को सही हाथों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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