सावन से पहले शिवसेना की दो टूक: कांवड़ मार्ग बनें पूरी तरह सुरक्षित, लापरवाही पर हो सख्त कार्रवाई
11 अगस्त की शिवरात्रि को लेकर बिजनौर में हुई अहम बैठक, प्रशासन और कांवड़ियों दोनों से की गई बड़ी अपील
अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। सावन माह और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच शिवसेना ने कांवड़ियों की सुरक्षा, व्यवस्थाओं और सामाजिक सौहार्द को लेकर प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। बागड़पुर स्थित शिवसेना कार्यालय में आयोजित बैठक में नेताओं ने साफ कहा कि लाखों शिवभक्तों की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन को अभी से ठोस कदम उठाने होंगे।
बैठक की अध्यक्षता जगदीश मुखिया ने की, जबकि संचालन अजयवीर तातारपुर ने किया। बैठक में जिलेभर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी कांवड़ यात्रा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
“कांवड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने”
बैठक को संबोधित करते हुए शिवसेना जिला प्रमुख ने कहा कि इस वर्ष सावन की शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। हर साल की तरह लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। ऐसे में प्रशासन को कांवड़ मार्गों पर बिजली, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं, उन्हें तत्काल ऊंचा कराया जाए। साथ ही कांवड़ मार्गों पर हुए अतिक्रमण को हटाकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध कराया जाए।
अराजक तत्वों पर नजर रखने की मांग
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि कुछ असामाजिक तत्व धार्मिक माहौल को खराब करने की कोशिश करते हैं। शिवसेना नेताओं ने कहा कि प्रशासन को ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि कांवड़ यात्रा की पवित्रता और शांति बनी रहे।
उन्होंने कहा कि अधिकांश शिवभक्त पूरे अनुशासन और मर्यादा के साथ यात्रा करते हैं और किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहते हैं। ऐसे में माहौल बिगाड़ने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी आवश्यक है।
कांवड़ियों को भी दिया गया अनुशासन का संदेश
शिवसेना ने कांवड़ियों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। नेताओं ने कहा कि यात्रा के दौरान तेज रफ्तार वाहन चलाने से बचें, डीजे की आवाज निर्धारित सीमा से अधिक न रखें और मोटरसाइकिलों में साइलेंसर हटाकर अनावश्यक शोर न करें।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, संयम और आस्था का प्रतीक है। इसलिए हर श्रद्धालु को अपने व्यवहार से इसकी गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
हर साल सड़क हादसों में जाती हैं कई जानें
बैठक में चिंता जताई गई कि कांवड़ यात्रा के दौरान हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कई श्रद्धालु अपनी जान गंवा देते हैं। नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन और श्रद्धालु दोनों सतर्क रहें तो बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
सौहार्द और भाईचारे का दिया संदेश
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है और इसे शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना सभी की जिम्मेदारी है। सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए भाईचारे का वातावरण बनाए रखना जरूरी है।
ये रहे मौजूद
बैठक में रामचंद्र, बंटी एडवोकेट, सोनू डागर, रवींद्र, धर्मेंद्र, सुरेश सहित कई शिवसेना पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
TargetTvLive Analysis
सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर जैसे-जैसे तैयारियां तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था के मुद्दे भी प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। शिवसेना की इस बैठक से साफ संकेत मिलता है कि धार्मिक संगठनों की निगाह अब केवल व्यवस्थाओं पर ही नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर भी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की तैयारियां और विभिन्न संगठनों की सक्रियता कांवड़ यात्रा को लेकर अहम भूमिका निभाएंगी।
— अवनीश त्यागी, TargetTvLive












