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​”100m और 200m ही नहीं, 16 वर्ष वर्ग की 400m दौड़ में भी श्वेतिका की ‘गोल्डन’ रफ्तार, बनाया बड़ा रिकॉर्ड”

 12 साल की श्वेतिका का अद्भुत कारनामा:

16 वर्ष आयु वर्ग में भी दागी ‘गोल्डन‘ रफ्तार, नेहरू स्टेडियम में मयंक मयूर स्मृति दौड़ में रचे नए कीर्तिमान

रिपोर्ट। अवनीश त्यागी। TargetTvLive 

बिजनौर। खेल के मैदान में उम्र महज एक आंकड़ा होती है और संकल्पों के आगे हर सीमा छोटी पड़ जाती है—इस बात को पूरी शिद्दत से साबित कर दिखाया है बिजनौर की नन्हीं धाविका श्वेतिका ने। शहर के ऐतिहासिक नेहरू स्टेडियम में विवेकानन्द दिव्य भारती उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित चतुर्थ मयंक मयूर स्मृति दौड़ प्रतियोगिता में श्वेतिका ने ऐसा करिश्माई और हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिसने वहां मौजूद हर खेलप्रेमी, दिग्गज कोच और अधिकारियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। 100 से भी अधिक उदीयमान एथलीटों की मौजूदगी वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन में श्वेतिका सफलता का सबसे चमकदार चेहरा बनकर उभरीं।

उम्र 12 साल, लेकिन हौसला 16 वर्ष से भी आगे!

प्रतियोगिता के अपने मूल यानी 12 वर्ष से कम आयु वर्ग में मैदान में उतरते हुए श्वेतिका ने उम्मीद के मुताबिक 100 मीटर और 200 मीटर की फर्राटा दौड़ में एकतरफा जीत दर्ज की। लेकिन स्टेडियम में असली रोमांच और सनसनी तब फैली, जब श्वेतिका ने खुद से बड़े यानी 16 वर्ष से कम आयु वर्ग की 400 मीटर दौड़ में भी हुंकार भरी। अपने से उम्र और अनुभव में बड़ी धाविकाओं के बीच ट्रैक पर उतरीं श्वेतिका ने शुरुआत से ही अपनी गति, तकनीक और अदम्य सहनशक्ति का ऐसा बेजोड़ तालमेल दिखाया कि फिनिशिंग लाइन पर सबसे पहले कब्जा जमाकर उन्होंने नया कीर्तिमान रच दिया। एक ही प्रतियोगिता में तीन-तीन स्पर्धाएं जीतकर उन्होंने सभी को स्तब्ध कर दिया।

शाहनवाज, दक्ष और शौर्य ने भी दिखाया अपनी रफ्तार का दम

श्वेतिका की इस स्वर्णिम दौड़ के साथ-साथ ट्रैक पर अन्य युवा धावकों का भी जबरदस्त जलवा देखने को मिला। 16 वर्ष से कम आयु वर्ग (बालक) में शाहनवाज ने अपनी बेहतरीन स्प्रिंट तकनीक का लोहा मनवाते हुए 100 और 200 मीटर, दोनों स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल कर ‘डबल धमाका’ किया। वहीं 12 वर्ष से कम आयु वर्ग में दक्ष ने अपनी तेज रफ्तार से प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए 100 और 200 मीटर दौड़ में पहला स्थान अपने नाम किया। इसके अलावा 400 मीटर की लंबी दौड़ में शौर्य तोमर ने बालक वर्ग में बाजी मारी, जबकि बालिका वर्ग की 100 मीटर स्पर्धाओं में खुशी (16 वर्ष से कम) और नेत्रा कौशिक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।

जनपद के खेल इतिहास में पहली बार आयोजित हुई ‘अंडर-6 किड्ज़ रेस’

इस आयोजन की एक और सबसे ऐतिहासिक और आकर्षक बात यह रही कि बिजनौर जनपद के खेल इतिहास में पहली बार 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की आधिकारिक दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन नन्हे-मुन्नों की मासूम फुर्ती और उत्साह को देखकर पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक मुकाबले में बालक वर्ग में आद्रिव सैनी ने अपने नन्हें कदमों से बाजी मारी, वहीं बालिका वर्ग में विदिशा तोमर ने पहला स्थान हासिल कर हर किसी का दिल जीत लिया।

स्वामी विवेकानंद के विचारों से गूंजा मंच, गणमान्य हस्तियों ने बढ़ाया हौसला

दौड़ प्रतियोगिता का शुभारंभ देशभक्ति और प्रेरणादायी माहौल के साथ हुआ, जब प्रशांत महर्षि ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन दर्शन और विचारों पर आधारित अपनी सुमधुर संगीतमय प्रस्तुति से खिलाड़ियों में नया जोश फूंक दिया। पूरे कार्यक्रम का बेहद सुचारू और प्रभावी संचालन डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा किया गया।

मुकाबलों के समापन पर आयोजित भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में विजयी खिलाड़ियों को स्वर्गीय मयंक मयूर की धर्मपत्नी सरोज देवी, मेजर अभिनव सिंह, विकास लाटियान, टीकम सिंह सेंगर एवं अरविंद अहलावत द्वारा मेडल, ट्रॉफी व पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। निष्पक्ष और पारदर्शी परिणाम सुनिश्चित करने में निर्णायक मंडल के सदस्य अशोक त्यागी, संजीव डवास, उत्तम कुमार, टीकम सिंह, आशु चौधरी एवं मनित ढाका की मुख्य भूमिका रही। इस दौरान नरेश कुमार लांबा, हिमांशु, शरद कुमार सिंह और दीपक चौहान सहित भारी संख्या में खिलाड़ियों के अभिभावक और खेलप्रेमी मौजूद रहे।

TargetTvLive की विशेष रिपोर्ट: “नेहरू स्टेडियम के ट्रैक से निकली श्वेतिका की यह ऐतिहासिक जीत महज एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारत के खेल भविष्य का चमकता हुआ सितारा है। बिजनौर की इस माटी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस जरूरत है इन्हें सही समय पर सही मंच और प्रोत्साहन देने की।” — अवनीश त्यागी (TargetTvLive)

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