TargetTvLive स्पेशल रिपोर्ट । अवनीश त्यागी
2000 में कैसे चले घर? बिजनौर में भड़कीं समूह सखियाँ, 22 हजार मानदेय और 10 लाख बीमे की माँग पर विकास भवन में गर्जना
बिजनौर (TargetTvLive): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी सैकड़ों ‘समूह सखियों’ के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। ‘महिला शक्ति संगठन’ की अगुवाई में जिले भर के विभिन्न ब्लॉकों से उमड़ी ग्रामीण महिलाओं की भीड़ ने अपनी जलंत माँगों को लेकर विकास भवन परिसर में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। हाथों में माँग पत्र और लबों पर आक्रोशित नारों के साथ उतरीं समूह सखियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी माँगों का ज्ञापन सौंपते हुए सीधे तौर पर चेतावनी दी है—”अगर हक नहीं मिला, तो आंदोलन आर-पार का होगा!”
₹2,000 मानदेय में कैसे बने बात? किराए-भाड़े में ही जेब हो रही खाली
प्रदर्शन की अगुवाई कर रही समूह सखियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि महँगाई के इस दौर में उन्हें महज ₹2,000 प्रति माह का मानदेय दिया जा रहा है। सरकार और विभाग द्वारा बार-बार आधिकारिक बैठकों, विभागीय दौरों और सर्वे कार्यों के लिए उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में भेजा जाता है।
“2000 रुपये का तो हमारा एक महीने का बस और टेम्पो का किराया-भाड़ा ही लग जाता है। कागजी काम और भाग-दौड़ में अपनी जेब से पैसे लगाने पड़ते हैं। ऐसे में हम परिवार कैसे चलाएं?” — आक्रोशित समूह सखी
महिला प्रतिनिधियों ने हुंकार भरते हुए सरकार से मानदेय को तुरंत प्रभाव से बढ़ाकर ₹22,000 प्रति माह करने की पुरजोर माँग रखी है।
विकास भवन में गूँजीं ये 5 प्रमुख माँगें:
- ₹22,000 मानदेय की गारंटी: काम के घंटे और बढ़ती महँगाई के अनुपात में मानदेय सीधे ₹22,000 किया जाए।
- स्थायी पहचान और नियुक्ति पत्र: सभी कैडर समूह सखियों को शासन स्तर से औपचारिक नियुक्ति पत्र, सरकारी यूनिफॉर्म (ड्रेस) और आधिकारिक आई.डी. कार्ड जारी हो।
- स्मार्टफोन की सुविधा: ‘लोकोश ऐप’ (LocOS App) तथा अन्य डिजिटल व ऑनलाइन शासकीय कार्यों को सुचारू रूप से निपटाने के लिए प्रत्येक सखी को मुफ्त मोबाइल दिया जाए।
- ₹10 लाख का दुर्घटना बीमा: ड्यूटी के दौरान किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में परिवार की सुरक्षा के लिए ₹10 लाख का मुफ्त दुर्घटना बीमा अनिवार्य किया जाए।
- कैशलेस इलाज: सभी समूह सखियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड और स्वास्थ्य सुरक्षा कवर दिया जाए।
पूरे जिले के ब्लॉकों से उमड़ा हुजूम
विकास भवन में हुए इस विशाल प्रदर्शन में बिजनौर जिले के लगभग सभी प्रमुख ब्लॉकों की भागीदारी देखने को मिली। हल्दौर, नहटौर, धामपुर, जलीलपुर, कोतवाली, नजीबाबाद, स्योहारा, अफजलगढ़ और नूरपुर समेत कई ब्लॉकों से बस और निजी साधनों से सैकड़ों महिलाएँ पहुँची थीं।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नाम: ज्ञापन सौंपने और प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली महिलाओं में मुख्य रूप से राजकुमारी, सुनीता, पूनम राजपूत, कविता, अंकिता, माया देवी, साक्षी, शबाना, राखी, पूनम, ललिता, फातिमा परवीन, पिंकी, प्रवीना, रीना, बबीता, स्वाति, प्रेमलता, मीनाक्षी, जूही, चित्रा, सरोज रानी, सुनीता सैनी सहित दर्जनों समूह सखियाँ अग्रिम पंक्ति में डटी रहीं।












