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112 पर कॉल किया… फिर भी नहीं पहुंची खाकी! बदायूँ में तमंचे के साए में लाचार मां-बेटा, तमाशबीन बनी पुलिस?

सास का छल से बैनामा, 14 साल के मासूम पर ताना तमंचा! बदायूँ में हक मांगने पहुंची महिला को जेठ की रूह कंपा देने वाली धमकी, 112 भी नाकाम!

बदायूँ (फैजगंज बेहटा) | TargetTvLive News विशेष कवरेज: दिनेश कुमार (बदायूँ)

रिश्तों को तार-तार करती लालच की एक ऐसी खौफनाक दास्तान सामने आई है, जिसने इंसानियत और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला बदायूँ जिले के थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र का है, जहाँ छल-कपट से हड़पी गई जमीन वापस मांगने पहुंची एक लाचार मां और उसके 14 वर्षीय मासूम बेटे की कनपटी पर बेखौफ जेठ ने नाजायज तमंचा तान दिया। आरोप है कि दबंगों ने सीधी धमकी दी— “दुबारा हक मांगने आई तो सीधे श्मशान जाओगी!”

हैरानी की बात यह है कि खौफ के साए में जी रही पीड़िता ने जब 112 हेल्पलाइन पर गुहार लगाई, तो सिस्टम ने भी दम तोड़ दिया और मौके पर कोई मदद नहीं पहुंची।

साजिश का ताना-बाना: बुजुर्ग सास को मोहरा बनाकर हड़पी ज़मीन

पीड़िता ममता (पत्नी नरोत्तम), निवासी ग्राम भगतपुर मिर्जापुर (थाना कुढ़ फतेहगढ़, संभल) द्वारा पुलिस को सौंपी गई तहरीर के अनुसार, यह पूरी साजिश दो महीने पहले रची गई थी।

  • अपहरण जैसी साजिश: ममता की ननद नन्दनी और नन्दोई ओमवीर (निवासी गाजियाबाद) करीब दो माह पूर्व उसकी बुजुर्ग सास भूरी को बहला-फुसलाकर ले गए।
  • दान पत्र का खेल: आरोप है कि साजिशन बुजुर्ग महिला का मानसिक शोषण कर कीमती जमीन का ‘दान पत्र’ (Gift Deed) अपने नाम करवा लिया गया।

04 अक्टूबर का वो खौफनाक मंज़र: 14 साल के मासूम पर तानी बंदूक

धोखाधड़ी का पता चलते ही ममता 04 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 9:10 बजे अपने 14 साल के बेटे मोनू को साथ लेकर ननद के गांव राज टकोली (थाना फैजगंज बेहटा) पहुंची। ममता का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपनी जमीन वापस मांगी।

इसी बात पर ननद और जेठ राजवीर आपा खो बैठे। गाली-गलौज के बीच जेठ राजवीर ने कमर से नाजायज तमंचा निकाला और सीधे ममता व उसके 14 वर्षीय बेटे पर तान दिया। बेटे की आंखों के सामने मौत का खौफ मंडराने लगा। आरोपियों ने दहाड़ते हुए कहा— “दोबारा इस जमीन की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो लाश बिछा देंगे!”

खाकी पर बड़ा सवाल: 112 डायल किया… पर कोई नहीं आया!

इस वारदात का सबसे दुखद पहलू पुलिस की निष्क्रियता रही। सिर पर तने तमंचे के साए से किसी तरह निकलकर पीड़िता ने तत्काल 112 आपातकालीन सेवा पर कॉल की। उम्मीद थी कि खाकी मदद के लिए दौड़ी चली आएगी, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी मौके पर कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा।

सिस्टम से मायूस होकर पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और थाना फैजगंज बेहटा पहुंचकर लिखित तहरीर देकर एफआईआर (FIR) दर्ज करने व जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

TargetTvLive का विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण: आखिर कब जागेगा प्रशासन?

  1. अवैध असलहों की खुलेआम नुमाइश: ग्रामीण इलाकों में अवैध तमंचों का इस तरह बेखौफ इस्तेमाल पुलिस की गश्त और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियानों की हवा निकालता है।
  2. आपातकालीन सेवाओं की पोल: 112 जैसी हाई-टेक हेल्पलाइन का ऐन मौके पर काम न आना आम नागरिक के भरोसे को तोड़ता है।
  3. वरिष्ठ नागरिकों की जमीनों पर गिद्ध दृष्टि: बुजुर्गों को बहला-फुसलाकर संपत्ति नाम कराने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कानून को ऐसे दान पत्रों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

TargetTvLive इस खबर को प्रमुखता से उठाते हुए उच्च अधिकारियों से मांग करता है कि पीड़िता और उसके मासूम बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दबंगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

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