Target Tv Live

CD Ratio में फिसड्डी निकले कई बैंक, CDO बोले- अब नहीं चलेगी ढिलाई

CD Ratio में फिसड्डी निकले कई बैंक, CDO बोले- अब नहीं चलेगी ढिलाई

ऋण वितरण में पिछड़े बैंक, गरीबों और उद्यमियों तक नहीं पहुंच रहा पर्याप्त कर्ज
अवनीश त्यागी | TargetTvLive

बिजनौर, 16 जून 2026। जनपद बिजनौर में बैंकिंग व्यवस्था की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित डीएलआरसी एवं डीसीसी की चतुर्थ त्रैमासिक समीक्षा बैठक में कई बैंकों की लापरवाही और कमजोर प्रदर्शन खुलकर सामने आया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रण विजय सिंह ने न केवल बैठक से अनुपस्थित बैंक प्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई बल्कि उन बैंकों को भी कड़ी चेतावनी दी जिनका ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) राष्ट्रीय लक्ष्य से काफी नीचे पाया गया।

कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान स्पष्ट संकेत मिले कि जिले में बैंकों द्वारा जमा की तुलना में ऋण वितरण की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसका सीधा असर किसानों, छोटे कारोबारियों, युवाओं और स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों पर पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई प्रमुख बैंक राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित 60 प्रतिशत CD Ratio के मुकाबले 40 प्रतिशत से भी नीचे चल रहे हैं। इस स्थिति पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को संबंधित बैंकों के खिलाफ कार्रवाई और नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष रूप से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधकों को ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि बैंक केवल जमा राशि बढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि, एमएसएमई, महिला उद्यमिता, युवा स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक ऋण पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाएं।

आंकड़े बताते हैं तस्वीर

वार्षिक ऋण योजना 2025-26 के तहत मार्च 2026 तक प्राथमिकता क्षेत्र में कुल 10,010.59 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 7,946.82 करोड़ रुपये का ऋण वितरण हुआ, जो लक्ष्य का 79.38 प्रतिशत है।

बैंकवार स्थिति

  • व्यवसायिक बैंक: लक्ष्य 7429.55 करोड़, उपलब्धि 5377.91 करोड़ (72.39%)
  • ग्रामीण बैंक: लक्ष्य 1479.04 करोड़, उपलब्धि 1209.33 करोड़ (81.76%)
  • सहकारी बैंक: लक्ष्य 1101.98 करोड़, उपलब्धि 1311.99 करोड़ (119.06%)

इन आंकड़ों से साफ है कि सहकारी बैंकों ने लक्ष्य से अधिक प्रदर्शन किया, जबकि व्यवसायिक बैंक अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सके।

रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं पर भी फोकस

बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, पीएम विश्वकर्मा योजना, ओडीओपी, किसान क्रेडिट कार्ड, अटल पेंशन योजना, फसल बीमा योजना और जिला उद्योग केंद्र की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि जिन पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदन लंबित हैं, उनका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

विश्लेषण: आखिर क्यों महत्वपूर्ण है CD Ratio?

बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार किसी जिले का CD Ratio यह बताता है कि बैंकों में जमा होने वाली राशि का कितना हिस्सा स्थानीय लोगों, किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों को ऋण के रूप में वापस दिया जा रहा है।

यदि CD Ratio कम रहता है तो इसका अर्थ है कि जिले की पूंजी बाहर जा रही है लेकिन स्थानीय अर्थव्यवस्था को उसका लाभ नहीं मिल रहा। इससे रोजगार सृजन, नए उद्योग, कृषि निवेश और व्यापारिक गतिविधियों की गति प्रभावित होती है।

बिजनौर जैसे कृषि प्रधान जिले में कम CD Ratio विकास की रफ्तार को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि जिला प्रशासन अब इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर बैंकों की जवाबदेही तय करने के मूड में दिखाई दे रहा है।

प्रशासन का संदेश साफ

बैठक से यह संदेश स्पष्ट रूप से निकलकर सामने आया कि अब केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं होगा। बैंकों को जमीनी स्तर पर ऋण वितरण बढ़ाकर किसानों, युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

यदि आगामी तिमाही में सुधार नहीं हुआ तो कमजोर प्रदर्शन करने वाले बैंकों पर प्रशासनिक सख्ती और बढ़ सकती है।

TargetTvLive Conclusion

बिजनौर में बैंकिंग सेक्टर की यह समीक्षा केवल आंकड़ों की औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि जिले की आर्थिक सेहत का आईना भी थी। प्रशासन ने संकेत दे दिए हैं कि विकास योजनाओं को गति देने के लिए बैंकिंग प्रणाली की जवाबदेही तय होगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि चेतावनी के बाद बैंक ऋण वितरण बढ़ाते हैं या फिर अगली समीक्षा में भी वही पुरानी तस्वीर सामने आती है।

Leave a Comment

यह भी पढ़ें