धान, गेहूं, सरसों और आलू किसानों के लिए अलर्ट! 14 अगस्त के बाद नहीं मिलेगा फसल बीमा का लाभ
: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
मुख्य बातें
- इफको-टोकियो को मिला फसल बीमा का जिम्मा
- धान, गेहूं, सरसों, मसूर और आलू सहित कई फसलें शामिल
- फसल क्षति की सूचना 72 घंटे में देना अनिवार्य
- गैर-ऋणी किसानों की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026
- ऋणी किसानों की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026
किन फसलों का मिलेगा लाभ?
खरीफ: धान, उर्द, मूंगफली
रबी: गेहूं, राई/सरसों, मसूर, आलू
किन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा?
- बुवाई न होना
- असफल बुवाई
- प्राकृतिक आपदा
- कीट एवं रोग
- ओलावृष्टि
- जलभराव
- बादल फटना
- बिजली गिरना
- कटाई के बाद 14 दिन तक खेत में रखी फसल को भी सुरक्षा
बीमा के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- खतौनी
- बैंक पासबुक
- IFSC कोड
विश्लेषण
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार बदलते मौसम, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेती को जोखिमपूर्ण बना दिया है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की आय को सुरक्षित रखने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब किसान निर्धारित समय में बीमा कराएं और नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर सूचना दें।
जिला कृषि अधिकारी की अपील
किसान अंतिम तिथि का इंतजार न करें। समय रहते अपनी फसलों का बीमा कराकर सरकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।
TargetTvLive निष्कर्ष
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच है। समय पर आवेदन और सही प्रक्रिया अपनाकर किसान प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई प्राप्त कर सकते हैं। बिजनौर के किसानों के लिए यह योजना खेती को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।












