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बिजनौर में बाढ़ को लेकर डीएम का बड़ा एक्शन! 11 KM बांध की मांग पर मौके से दिया बड़ा आश्वासन

बिजनौर में बाढ़ को लेकर डीएम का बड़ा एक्शन! 11 KM बांध की मांग पर मौके से दिया बड़ा आश्वासन

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

मुख्य बातें

डीएम जसजीत कौर ने चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग का निरीक्षण किया।

11 किलोमीटर बाढ़ सुरक्षा बांध की मांग उठी।

14 पुलियों और गाइड बांध का प्रस्ताव शासन में लंबित।

वर्तमान में क्षेत्र में गंभीर बाढ़ की स्थिति नहीं।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील।

बिजनौर। चांदपुर से हस्तिनापुर तक डीएम ने किया निरीक्षण, ग्रामीणों ने 11 किलोमीटर बाढ़ सुरक्षा बांध की मांग रखी। प्रशासन ने शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने का भरोसा दिया।

मानसून के बीच बिजनौर के खादर क्षेत्र में संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गुरुवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर ने चांदपुर से हस्तिनापुर तक बाढ़ प्रभावित एवं क्षतिग्रस्त मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि वर्तमान में क्षेत्र में बाढ़ की कोई गंभीर स्थिति नहीं मिली।

ग्रामीणों ने उठाई 11 किलोमीटर बांध निर्माण की मांग

निरीक्षण के दौरान पांडव नगर चौकी, जलालपुर खादर, रायपुर खादर और खानपुर दमाल क्षेत्र के ग्रामीणों ने लगभग 11 किलोमीटर लंबे बाढ़ सुरक्षा बांध के निर्माण की मांग की। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि मांग को शासन स्तर पर भेजा जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

14 पुलियों और गाइड बांध का प्रस्ताव

लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) मेरठ के अधिकारियों ने बताया कि चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग पर वर्षा और बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 14 पुलियों और गाइड बांध का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू होगा।

डीएम ने लोगों से की अपील

जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सभी ग्रामीण सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने में देरी न करें।

TargetTvLive Analysis

निरीक्षण से प्रशासन की सक्रियता जरूर दिखाई दी है, लेकिन खादर क्षेत्र के लोगों को स्थायी राहत तभी मिलेगी जब वर्षों से लंबित बांध और पुलियों के निर्माण कार्य धरातल पर उतरेंगे। यदि प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति मिलती है तो भविष्य में हजारों ग्रामीणों को बाढ़ के खतरे से बड़ी राहत मिल सकती है।

 

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