गांव-गांव किसान संघ का महाअभियान शुरू! बिजनौर की बैठक में हुआ बड़ा ऐलान, हर किसान तक पहुंचेगा संगठन

बिजनौर | TargetTvLive | रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
बिजनौर, 4 अगस्त। भारतीय किसान संघ ने संगठन विस्तार को नई गति देने के उद्देश्य से बुढ़नपुर-स्योहारा ब्लॉक से गांव-गांव तक संगठन को मजबूत बनाने का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। ग्राम पूरनपुर में आयोजित मासिक बैठक में जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों ने ग्राम समितियों को सशक्त बनाने, नए किसानों को संगठन से जोड़ने तथा किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष सुबोध कुमार त्यागी ने की, जबकि संचालन खंड मंत्री राम अवतार सिंह ने किया।
बैठक की मुख्य बातें
- प्रत्येक गांव में मजबूत ग्राम समिति बनाने पर जोर।
- नए किसानों को संगठन से जोड़ने के लिए व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय।
- किसानों की समस्याओं को गांव स्तर से प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति।
- नियमित बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों को बढ़ाने पर सहमति।
- संगठन की सक्रियता बढ़ाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं से जिम्मेदारी निभाने का आह्वान।
संगठन विस्तार पर विशेष फोकस
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय किसान संघ की वास्तविक शक्ति गांव स्तर की सक्रिय इकाइयों में है। मजबूत ग्राम समितियां ही किसानों की आवाज को प्रभावी ढंग से शासन और प्रशासन तक पहुंचा सकती हैं। इसी उद्देश्य से प्रत्येक गांव में संगठन को मजबूत करने और अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि कृषि क्षेत्र लगातार नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में किसानों की एकजुटता और मजबूत संगठन ही उनके हितों की प्रभावी पैरवी कर सकता है।
प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला खंड पालक कल्याण सिंह, जिला मंत्री सुरेश कुमार, जिला महिला प्रमुख सीमा त्यागी, जिला प्रचार प्रमुख ईश्वर सिंह, जिला कोषाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, खंड उपाध्यक्ष अशोक कुमार, खंड जैविक प्रमुख यशवीर सिंह, खंड महिला प्रमुख सुदेश कुमारी सहित बुढ़नपुर एवं स्योहारा क्षेत्र की ग्राम समितियों के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
TargetTvLive Analysis
भारतीय किसान संघ की यह बैठक केवल मासिक संगठनात्मक बैठक नहीं रही, बल्कि इसे भविष्य के संगठन विस्तार की रणनीति तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है। गांव स्तर पर मजबूत समितियों के गठन से संगठन की पहुंच बढ़ने के साथ किसानों की समस्याओं को संगठित रूप से उठाने में भी सहायता मिलेगी।












