चांदपुर में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार का बयान: चौधरी चरण सिंह किसानों और गरीबों के सच्चे हितैषी
चांदपुर (बिजनौर)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के एक कार्यक्रम के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को किसानों, दलितों और गरीबों के मसीहा के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि चाहे चौधरी चरण सिंह किसी भी राजनीतिक गठबंधन में रहे हों, उनका केंद्रबिंदु हमेशा समाज के वंचित वर्ग ही रहे।
लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक से आम मुस्लिम समुदाय को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विशेष हित समूह इस विधेयक को लेकर भ्रम फैला रहे हैं और लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों की बातों में न आएं।
कार्यक्रम में चौधरी जयंत चौधरी की भी सराहना की गई, जिन्हें मंत्री ने समाज के सभी वर्गों की आवाज बताया। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी का लक्ष्य किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाना है। मंत्री ने इस अवसर पर यह भी माना कि भाजपा और रालोद की नीतियों में भिन्नता हो सकती है, लेकिन वर्तमान में दोनों दल मिलकर कार्य कर रहे हैं और यह साझेदारी जिम्मेदारी से निभाई जा रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नागेंद्र पंवार ने की, जबकि संचालन प्रदेश महासचिव (युवा) हनी तोमर ने किया। इस अवसर पर अनेक स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें डॉ. नीरज चौधरी, आनंद तोमर, चौधरी रवि गुर्जर, सरदार बुद्ध सिंह, पूनम चौधरी, लवकुश फौजी, पीतम सिंह, शान आलम, पीतम जाटव और मुंजरीम अहमद प्रमुख रहे।
विश्लेषण:
यह कार्यक्रम न केवल एक राजनीतिक संवाद का मंच था, बल्कि यह स्पष्ट संकेत भी था कि किस प्रकार रालोद और भाजपा के बीच तालमेल बनाने की कोशिशें चल रही हैं। अनिल कुमार का बयान यह दिखाता है कि पार्टी स्तर पर मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत और वैचारिक समर्पण के आधार पर गठबंधन में स्थिरता लाई जा सकती है। वक्फ बोर्ड संशोधन को लेकर दिए गए बयान से पार्टी का रुख भी स्पष्ट होता है कि वह समुदाय विशेष की चिंताओं को दूर करने का प्रयास कर रही है।
चौधरी चरण सिंह और जयंत चौधरी के प्रति मंत्री की भावनाएं यह भी दर्शाती हैं कि रालोद अब भी अपने जड़ों से जुड़ी हुई राजनीति को प्राथमिकता दे रही है — जिसमें किसान, गरीब और पिछड़े वर्ग की आवाज प्रमुख है।











