“डिजिटल जनगणना का बिगुल: बिजनौर में 3 दिन की ट्रेनिंग से बदलेगा पूरा डेटा सिस्टम, हर घर तक पहुंचेगी टीम”

TargetTvLive | विशेष रिपोर्ट
✍️ अवनीश त्यागी
बिजनौर | 16 अप्रैल 2026
जनगणना 2026 को लेकर बिजनौर में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार लक्ष्य सिर्फ गणना नहीं, बल्कि सटीक, पारदर्शी और डिजिटल डेटा तैयार करना है। इसी मिशन को लेकर अपर जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी वान्या सिंह के निर्देशन में जिले की सभी तहसीलों और नगर निकायों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय मेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है।
TargetTvLive की इस ग्राउंड रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि प्रशासन इस बार जनगणना को पूरी तरह हाईटेक और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुका है।
अब कागज नहीं, मोबाइल ऐप से होगी हर एंट्री
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत है—डिजिटल सिस्टम।
👉 प्रगणक अब घर-घर जाकर
मोबाइल ऐप के जरिए सीधे डेटा फीड करेंगे
👉 डेटा तुरंत सिस्टम में अपडेट होगा
👉 डुप्लीकेसी और गड़बड़ी की संभावना बेहद कम हो जाएगी
TargetTvLive विश्लेषण:
यह बदलाव न सिर्फ प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि
👉 सरकारी योजनाओं को सटीक लाभार्थियों तक पहुंचाने में गेमचेंजर साबित होगा।
ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया जा रहा है?
तीन दिवसीय इस विशेष प्रशिक्षण में अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह तैयार किया जा रहा है:
- ✔️ घर-घर सर्वे की वैज्ञानिक प्रक्रिया
- ✔️ मोबाइल ऐप पर डेटा एंट्री और तकनीकी समझ
- ✔️ लेआउट मैप के अनुसार क्षेत्र का कवरेज
- ✔️ आम जनता से संवाद और व्यवहार
- ✔️ फील्ड में आने वाली समस्याओं का समाधान
👉 स्पष्ट निर्देश:
“कोई भी घर छूटे नहीं, कोई भी डेटा गलत न हो”
मैदान में उतरेंगे ‘डेटा योद्धा’
इस पूरी प्रक्रिया की असली जिम्मेदारी होगी:
- प्रगणक (Enumerators) – जो सीधे घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे
- पर्यवेक्षक (Supervisors) – जो हर गतिविधि की निगरानी करेंगे
👉 प्रशासन ने साफ कहा है कि
जनता का विश्वास जीतना सबसे जरूरी है, इसलिए व्यवहार सौम्य और पारदर्शी होना चाहिए।
ग्राउंड चैलेंजेस पर भी फोकस
TargetTvLive को मिली जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण में सिर्फ थ्योरी नहीं बल्कि रियल फील्ड समस्याओं पर भी खास ध्यान दिया गया:
- नेटवर्क की समस्या
- तकनीकी गड़बड़ियां
- ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच
- लोगों की जागरूकता
👉 इन सभी मुद्दों पर प्रैक्टिकल समाधान और लाइव डेमो दिए गए, जिससे टीम फील्ड में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
प्रशासन का सख्त रुख
जिला जनगणना अधिकारी वान्या सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए:
👉 हर प्रगणक लेआउट मैप के अनुसार ही काम करेगा
👉 कोई भी परिवार गणना से बाहर नहीं रहेगा
👉 डेटा की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं
यह साफ संकेत है कि इस बार
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
📍 प्रशिक्षण में दिखी पूरी प्रशासनिक ताकत
इस मौके पर जिला प्रभारी जे.पी. यादव, विभिन्न तहसीलों के अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स और बड़ी संख्या में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
सभी ने इस मिशन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
TargetTvLive विश्लेषण: क्यों अहम है यह अभियान?
जनगणना का डेटा ही तय करता है:
- सरकारी योजनाओं का वितरण
- बजट का आवंटन
- विकास कार्यों की प्राथमिकता
👉 अगर डेटा सटीक होगा तो:
✔️ गरीबों को सही लाभ मिलेगा
✔️ योजनाएं जमीन पर प्रभावी होंगी
✔️ प्रशासनिक फैसले ज्यादा मजबूत होंगे
निष्कर्ष: बिजनौर बन सकता है ‘डिजिटल जनगणना मॉडल’
TargetTvLive का मानना है कि
अगर यह पहल सफल रहती है, तो बिजनौर
👉 पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक रोल मॉडल बन सकता हैयह प्रयोग दिखाता है कि
“टेक्नोलॉजी + ट्रेनिंग + सख्त निगरानी = बेहतर गवर्नेंस”
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