बिजनौर में पंच सम्मेलन: अब 125 दिन रोजगार, बायोमेट्रिक और AI से निगरानी

डीएम जसजीत कौर ने दिए ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण के निर्देश
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी । TargetTvLive
बिजनौर। गांवों में रोजगार और विकास कार्यों को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पंच सम्मेलन में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों, ब्लॉक प्रमुखों और ग्राम प्रधानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना की मूल भावना जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना के कार्य नियमानुसार कराए जाएं और इसकी बारीकियों को समझाने के लिए अब ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
100 नहीं, अब 125 दिन तक रोजगार का प्रावधान
सम्मेलन में जिलाधिकारी ने बताया कि मनरेगा योजना में जनहित को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संशोधनों के बाद विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत नई व्यवस्था लागू की गई है। उनके अनुसार एक जुलाई 2026 से यह व्यवस्था लागू हो चुकी है।
नई व्यवस्था में ग्रामीण श्रमिकों के लिए रोजगार की अवधि को बढ़ाकर 125 दिन तक किया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ तभी सामने आएगा जब पात्र श्रमिकों को समय से काम मिले और स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन पारदर्शी तरीके से हो।
बायोमेट्रिक और AI से बदलेगी निगरानी व्यवस्था
योजना की नई व्यवस्था में तकनीक की भूमिका भी बढ़ाई गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि अब बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया जाएगा।
इसका उद्देश्य रोजगार और विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। तकनीकी निगरानी बढ़ने के साथ ग्राम स्तर पर काम करने वाले जिम्मेदार लोगों के लिए भी योजना के नियमों की सही जानकारी होना जरूरी हो गया है।
खेल मैदान और अन्नपूर्णा भवन जैसे कार्यों में तेजी पर जोर
डीएम जसजीत कौर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को अब फास्टट्रैक मोड में पूरा कराया जाए। विशेष रूप से खेल के मैदान और अन्नपूर्णा भवन जैसे कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभ मिले और जो भी कार्य कराए जाएं, वे निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार हों।
ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों की बढ़ी जिम्मेदारी
पंच सम्मेलन में सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह रहा कि योजना के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी केवल विभागीय अधिकारियों तक सीमित नहीं है। ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और अन्य संबंधित लोगों को भी योजना की पूरी जानकारी होना जरूरी है।
इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपायुक्त मनरेगा को ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में योजना के नए प्रावधान, कार्यों की प्रक्रिया, तकनीकी निगरानी और पात्र लाभार्थियों से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी।
60:40 के फंड शेयरिंग पैटर्न की जानकारी
जिलाधिकारी ने बताया कि जी राम जी योजना सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम है और इसमें राज्यों के लिए फंड शेयरिंग पैटर्न 60:40 निर्धारित किया गया है।
ऐसे में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्र, राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर की व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा।
विश्लेषण: असली परीक्षा अब गांव की जमीन पर
पंच सम्मेलन में दिए गए निर्देशों से साफ है कि सरकार नई व्यवस्था को केवल कागजी बदलाव तक सीमित रखने के बजाय गांवों में रोजगार और परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ना चाहती है। 125 दिन रोजगार, बायोमेट्रिक सत्यापन और AI आधारित निगरानी जैसे प्रावधान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश हैं।
लेकिन इसकी सफलता का असली पैमाना सरकारी बैठकों में नहीं, बल्कि गांवों में दिखाई देगा। पात्र श्रमिकों को समय पर रोजगार मिले, काम की गुणवत्ता बनी रहे, भुगतान में देरी न हो और विकास कार्य वास्तव में ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप हों—यही इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी कसौटी होगी।
ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण की पहल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि नई व्यवस्था की जानकारी सीधे ग्राम प्रधानों और स्थानीय स्तर के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचेगी। यदि प्रशिक्षण के साथ नियमित निगरानी और जवाबदेही भी सुनिश्चित की गई, तो योजना ग्रामीण रोजगार के साथ-साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को गति दे सकती है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त मनरेगा आरबी यादव ने किया। उन्होंने जी राम जी योजना को कामगारों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि योजना के सफल संचालन के लिए जनपद स्तर पर विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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