बिजनौर से सिसौली तक किसान काफिला: अन्नपूर्णा कक्ष भूमि पूजन में उमड़ा जनसैलाब

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जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री ने किया भूमि पूजन, राकेश टिकैत-नरेश टिकैत की माता जी बलजोरी देवी के नाम पर होगा अन्नपूर्णा कक्ष
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बिजनौर से सैकड़ों वाहनों का काफिला, जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में पहुंचे हजारों किसान
मुख्य समाचार
बिजनौर, 24 अगस्त। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में आज बिजनौर से हजारों किसानों का काफिला सिसौली पहुंचा। अवसर था भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत और संयोजक नरेश टिकैत की माता स्व. बलजोरी देवी के नाम पर बनने वाले अन्नपूर्णा कक्ष का भूमि पूजन। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र सिंह ने शिरकत की और विधिवत भूमि पूजन किया।
काफिले का रूट और भव्यता
- बिजनौर से जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में लगभग 50 गाड़ियों का काफिला निकला।
- बिजनौर बैराज रोड बंद होने के कारण किसानों का जत्था बालावाली–लश्कर–मुजफ्फरनगर मार्ग से होते हुए सिसौली पहुंचा।
- पूरे रास्ते में किसानों ने जोश-उत्साह के साथ नारेबाजी की और बड़ी संख्या में लोग काफिले में शामिल होते चले गए।
- हजारों की संख्या में किसानों ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
अन्नपूर्णा कक्ष की विशेषता
- अन्नपूर्णा कक्ष का नाम भाकियू नेता राकेश टिकैत और नरेश टिकैत की माता स्व. बलजोरी देवी के सम्मान में रखा गया है।
- यह कक्ष किसानों और संगठन के लिए भोजनालय और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।
- भूमि पूजन करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन और किसान एकता की सराहना की।
प्रमुख किसान नेता रहे मौजूद
इस काफिले और भूमि पूजन कार्यक्रम में जिले और प्रदेश के कई प्रमुख किसान नेता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख नाम हैं –
- मनप्रीत सिंह, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, विजय पहलवान, उपमा चौहान, निर्देश चौधरी, डॉ. विजय सिंह, ऋषिपाल सिंह, मुनेंद्र काकरान, बलजीत सिंह, मुकेश जंघाला, दिनेश कुमार, नरदेव सिंह, मुनेश अहलावत, अमरपाल सिंह, हर्षवर्धन, सोमपाल सिंह, कल्याण सिंह, हरीराज सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, शुभम चौधरी, आशु चौधरी, कवराज सिंह, जगत सिंह, रजनीश अहलावत, मोनू प्रधान, अमित बालियां, विनीत चौधरी, अवनीश कुमार, गजेंद्र सिंह, कोमन सिंह, आकाश चौधरी, अजय बालियान, मोहम्मद याकूब, सरताज, सौरभ काकरान, रोहित, अजीत कुमार, बृजेश कुमार, सूर्य बालियां, शमशेर सिंह चीमा सहित भारी संख्या में किसान।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
- यह कार्यक्रम सिर्फ धार्मिक/सामाजिक आयोजन नहीं था, बल्कि किसानों की संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन भी था।
- बिजनौर से सिसौली तक हजारों किसानों का जुटना बताता है कि भाकियू अभी भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण राजनीति और किसान आंदोलनों की धुरी बना हुआ है।
- टिकैत परिवार की मातृशक्ति बलजोरी देवी के नाम पर कक्ष का निर्माण, संगठन को भावनात्मक आधार देने की कोशिश है।
- जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी, इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक महत्व प्रदान करती है।
निष्कर्ष: बिजनौर से सिसौली तक का यह किसान काफिला और अन्नपूर्णा कक्ष का भूमि पूजन, किसान आंदोलन के बाद भाकियू की संगठनात्मक मजबूती और टिकैत परिवार की किसान राजनीति में गहरी जड़ों को एक बार फिर उजागर करता है।











