जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बिजनौर में नए नेतृत्व की नियुक्ति, आगामी छह माह में होंगे चुनाव

रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
बिजनौर। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बिजनौर के मुख्य पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आज आर्य समाज बिजनौर के सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान रविंद्र पाल आर्य ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ उप मंत्री देवेंद्र सिंह आर्य ने किया। इस बैठक में संगठन की हालिया गतिविधियों, नेतृत्व में हुए परिवर्तनों और आगामी चुनाव प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि विगत 23 फरवरी 2025 को हल्दौर आर्य समाज में आयोजित बैठक के दौरान कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह आर्य के आकस्मिक निधन के बाद संगठन को एक नए कार्यवाहक कोषाध्यक्ष की आवश्यकता थी। सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए, उनके सुपुत्र अमित कुमार आर्य को कार्यवाहक कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त, जिला मंत्री डॉ. विजयपाल सिंह आर्य के अस्वस्थ होने के कारण, वरिष्ठ मंत्री देवेंद्र सिंह आर्य को कार्यवाहक मंत्री के रूप में दायित्व सौंपा गया।
आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ की सहमति और निर्देश
बैठक में बताया गया कि उपरोक्त बदलाव की सूचना आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ को भेजी गई थी, जिसे 1 मार्च 2025 को प्राप्त कर लिया गया। 4 मार्च 2025 को पत्रांक 295 के माध्यम से लखनऊ सभा ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी और निर्देश दिया कि आगामी 6 माह के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके लिए प्रदेश स्तर से एक चुनाव अधिकारी/पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा, जो चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
चुनाव की तैयारियों पर फोकस
बैठक में तय किया गया कि चुनाव से संबंधित सभी तैयारियां आगामी बैठकों में की जाएंगी, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और लोकतांत्रिक हो। कार्यवाहक मंत्री देवेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि संगठन की एकता और विकास के लिए यह चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सभी आर्य समाज इकाइयों को सक्रिय रूप से इसमें भाग लेना चाहिए।
संगठन की एकता और भविष्य की दिशा
जिला प्रधान रविंद्र पाल आर्य ने कहा, “हमारी प्राथमिकता संगठन की मजबूती और विचारधारा की अखंडता है। नेतृत्व में हुए बदलाव के बावजूद, हम सभी मिलकर आर्य समाज की प्रगति के लिए समर्पित हैं। चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
इस निर्णय की जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिले की सभी आर्य समाज इकाइयों के पदाधिकारियों को दे दी गई है, ताकि वे समय रहते चुनाव प्रक्रिया के लिए तैयार हो सकें।
अंत में कहा जा सकता है कि यह बैठक संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। नेतृत्व में हुए बदलावों के साथ, चुनाव प्रक्रिया की घोषणा संगठन को नई ऊर्जा देगी, जिससे आर्य समाज की विचारधारा और सामाजिक योगदान को और अधिक मजबूती मिलेगी।










