DSP तंजील अहमद मर्डर केस: हाई कोर्ट ने फांसी पाए रेयान को किया बरी
✍️ रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर: चर्चित हत्याकांड में बड़ा न्यायिक फैसला
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के स्योहारा में हुए बहुचर्चित डीएसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना हत्याकांड में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रेयान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने 2022 में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को “गंभीर त्रुटियों” पर आधारित बताते हुए खारिज कर दिया।
कोर्ट की टिप्पणी: सबूत कमजोर, संदेह ज्यादा
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि:
- अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका
- गवाहों के बयान में विरोधाभास था
- पूरा मामला संदेहों से घिरा हुआ था
इसी आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण
- तारीख: 2 अप्रैल 2016
- स्थान: स्योहारा, बिजनौर
- घटना:
- डीएसपी तंजील अहमद अपनी पत्नी फरजाना के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे
- रास्ते में बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की
- तंजील अहमद की मौके पर मौत हो गई
- फरजाना ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया
यह वारदात उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी बन गई थी।
अन्य आरोपी की हो चुकी है मौत
इस मामले में एक अन्य आरोपी मुनीर को भी फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी है। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जांच और न्याय व्यवस्था पर सवाल
इस फैसले के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:
- क्या जांच में लापरवाही हुई?
- क्या गलत व्यक्ति को सजा दे दी गई थी?
- क्या असली आरोपी अब भी फरार हैं?
निष्कर्ष
करीब एक दशक पुराने इस हत्याकांड में हाई कोर्ट का फैसला जहां एक ओर न्यायिक संतुलन को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े करता है। अब यह देखना अहम होगा कि आगे इस मामले में कोई नई जांच या कार्रवाई होती है या नहीं।
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