“फार्मर आईडी घोटाला LIVE: 78 किसान ‘गांव से बाहर’ दिखाए गए, हकीकत में घर पर मौजूद!”
📍 आजमगढ़ | TargetTvLive डिजिटल डेस्क
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में Farmer Registry (फार्मर आईडी) से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। TargetTvLive की पड़ताल में सामने आया कि प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद दर्जनों किसानों को कथित तौर पर जानबूझकर योजना के लाभ से वंचित किया गया।
हाइलाइट्स (Top Points)
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78 किसानों को पोर्टल पर “गांव से बाहर” दिखाया गया
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जांच में सभी किसान गांव में ही पाए गए
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कर्मचारी पर सुनियोजित तरीके से लाभ रोकने का आरोप
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कंधरापुर थाने में मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच शुरू
क्या है Farmer Registry और क्यों है जरूरी?
Farmer Registry सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत किसानों का डिजिटल डाटा तैयार कर उन्हें विभिन्न योजनाओं—जैसे सब्सिडी, बीमा और वित्तीय सहायता—से जोड़ा जाता है।
👉 लेकिन अगर इस प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाए, तो
सीधे-सीधे किसान सरकारी लाभ से बाहर हो सकते हैं।
प्रशिक्षण के बाद भी खेल! कहां हुई चूक?
जिला प्रशासन द्वारा कृषि विभाग के कर्मचारियों को हरिऔध कला केंद्र में विशेष प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि कोई भी पात्र किसान छूट न जाए।
लेकिन TargetTvLive को मिली जानकारी के अनुसार:
👉 विकास खंड पल्हनी में तैनात ग्रुप C (TAC) कर्मचारी हृदयेश कुमार ने
- गांवों में जाकर रजिस्ट्रेशन नहीं किया
- बार-बार भ्रामक जानकारी दी
- किसानों को तकनीकी बहानों में उलझाया
“OTP नहीं आया, नाम गलत है…”—बहानों का जाल!
शिकायतकर्ता के अनुसार, किसानों को बार-बार इन कारणों से रोका गया:
- “लाभार्थी गांव से बाहर हैं”
- “OTP नहीं आ रही”
- “नाम मिसमैच है”
👉 लेकिन सच्चाई कुछ और ही निकली…
3 अप्रैल 2026: जब खुली पोल
जिला प्रशासन ने 3 अप्रैल को विशेष सत्यापन कैम्प लगाया।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा:
- 78 किसानों को पोर्टल पर ‘गांव से बाहर’ दिखाया गया
- जबकि सभी किसान अपने घरों पर मौजूद थे
👉 यहीं से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
साजिश के आरोप, धमकी की भी बात
शिकायतकर्ता का आरोप है कि:
- यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई
- गरीब किसानों को लाभ से वंचित रखने की कोशिश हुई
- संबंधित कर्मचारी ने शिकायत करने पर कार्य से विरत रहने की धमकी भी दी
पुलिस एक्शन में | FIR दर्ज
मामले को गंभीर मानते हुए कंधरापुर थाने में तहरीर दी गई है।
📌 आरोपों में शामिल:
- शासकीय कार्य में लापरवाही
- अनियमितता
- विश्वासघात
👉 पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
TargetTvLive विश्लेषण: सिस्टम फेल या जमीनी भ्रष्टाचार?
यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की लापरवाही नहीं, बल्कि
👉 पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल है
बड़े सवाल:
- क्या डिजिटल योजनाएं जमीनी स्तर पर फेल हो रही हैं?
- क्या पोर्टल डेटा के साथ छेड़छाड़ संभव है?
- क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?
👉 विशेषज्ञ मानते हैं कि
Real-time Monitoring + Third Party Audit अब अनिवार्य हो चुका है।
ग्राउंड रियलिटी: किसान सबसे बड़ा पीड़ित
अगर यह मामला उजागर नहीं होता, तो
👉 78 किसान चुपचाप अपने हक से वंचित रह जाते
यह दर्शाता है कि
👉 एक कर्मचारी की लापरवाही
👉 सैकड़ों जिंदगियों को प्रभावित कर सकती है
निष्कर्ष | अब क्या होगा?
आजमगढ़ का यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ा टेस्ट है।
👉 क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी?
👉 क्या किसानों को उनका हक मिलेगा?
👉 या मामला फाइलों में दब जाएगा?
TargetTvLive इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
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