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Teacher Protest: TET के खिलाफ उबाल, 4 अप्रैल को राजधानी में हंगामा तय

“TET हटाओ या दिल्ली घेराव!” 4 अप्रैल को शिक्षकों का महासंग्राम, ‘असंवैधानिक’ बताकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान

✍️ रिपोर्ट: TargetTvLive डेस्क | नूरपुर/बिजनौर

देशभर में टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता को लेकर अब विरोध उग्र होता जा रहा है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) की अहम बैठक में 4 अप्रैल को दिल्ली में विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। शिक्षकों ने साफ चेतावनी दी है—“अबकी बार आर-पार की लड़ाई होगी।”

बैठक में बना बड़ा प्लान, आंदोलन होगा तेज

ब्लॉक संसाधन केंद्र नूरपुर में आयोजित संयुक्त बैठक में आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक की अध्यक्षता टीएफआई के राष्ट्रीय सचिव यशपाल सिंह ने की।

👉 उन्होंने दो टूक कहा:
“टीईटी की अनिवार्यता पूरी तरह असंवैधानिक है। शिक्षकों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में देशभर के शिक्षक आंदोलनरत हैं और 4 अप्रैल का प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा।

क्यों भड़का है TET पर विवाद? (डीप एनालिसिस)

शिक्षक संगठनों के अनुसार:

  • पहले से कार्यरत शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव
  • अनुभव को नजरअंदाज कर नई शर्तें थोपना
  • सेवा सुरक्षा और समानता के अधिकार का उल्लंघन

👉 शिक्षकों का आरोप है कि यह नीति संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है और इसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए।

दिल्ली कूच: जिले से बड़ी भागीदारी तय

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि:

  • सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं
  • जिले से बड़ी संख्या में शिक्षक दिल्ली पहुंचेंगे

वीर कुमार यादव (जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ) बोले:
👉 “जब तक TET खत्म नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।”

वीरेंद्र सिंह (सीनियर बेसिक शिक्षक संघ) ने भी पूर्ण समर्थन का ऐलान किया।

महिला शिक्षिकाएं भी होंगी फ्रंटलाइन में

जिला महिला उपाध्यक्ष नजमा खातून ने कहा:
👉 “महिलाएं भी बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर आंदोलन को मजबूत करेंगी।”

क्या सरकार पर पड़ेगा दबाव? (ग्राउंड इम्पैक्ट)

यह आंदोलन अब सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षक अधिकार बनाम सरकारी नीति की लड़ाई बन चुका है।

✔️ बड़े प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बढ़ेगा
✔️ राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा गरमाएगा
✔️ शिक्षा नीति में बदलाव की मांग तेज हो सकती है

👉 राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह आंदोलन जल्द ही राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन सकता है।

बैठक में ये रहे प्रमुख चेहरे

उमेश राजपूत, अर्चना रानी, अल्फिया जावेद, राहुल राठी, प्रशांत चौधरी, राजेंद्र कुमार, विपिन कुमार शर्मा, सुहेल अख्तर बेग, गौरव चौहान, मोहम्मद जावेद, अरविंद चौधरी सहित कई शिक्षक नेताओं ने विचार रखे।

4 अप्रैल बनेगा टर्निंग पॉइंट?

TET की अनिवार्यता के खिलाफ उठी यह आवाज अब देशव्यापी आंदोलन में बदलती दिख रही है।
👉 4 अप्रैल का दिल्ली प्रदर्शन तय करेगा कि यह लड़ाई कितनी लंबी और कितनी असरदार होगी।

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