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किसान सम्मान दिवस पर कृषि की नई दिशा: जैविक खेती और ड्रैगन फ्रूट पर जोर

किसान सम्मान दिवस पर कृषि की नई दिशा: जैविक खेती और ड्रैगन फ्रूट पर जोर

स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती पर बिजनौर में भव्य किसान कृषि गोष्ठी, 90 प्रगतिशील किसान सम्मानित

बिजनौर | 23 दिसंबर 2025

स्वतंत्र भारत में किसान राजनीति के शिल्पकार कहे जाने वाले भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती पर बिजनौर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित किसान सम्मान दिवस एवं कृषि गोष्ठी सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह कृषि के भविष्य की रणनीति तय करने वाला मंच बनकर उभरी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जिलाधिकारी जसजीत कौर ने किसानों को साफ संदेश दिया—
👉 “अब परंपरागत खेती से आगे बढ़कर जैविक खेती, बागवानी और बहुफसली मॉडल अपनाने का समय है।”

खेती बदलेगी तो किसान की तक़दीर बदलेगी

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने किसानों से जैविक खेती को प्राथमिकता देने और गन्ने के साथ ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, अमरूद जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि—

  • जैविक खेती से आय में निरंतर वृद्धि हो रही है
  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ रही है
  • स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित खाद्य उत्पाद मिल रहे हैं

साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ किसानों तक शत-प्रतिशत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।

40 स्टॉल, एक ही छत के नीचे पूरी कृषि व्यवस्था

कृषि गोष्ठी में कृषि, गन्ना, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, डेयरी, भूमि संरक्षण, सहकारिता, जिला सहकारी बैंक सहित विभागों एवं निजी कंपनियों के करीब 40 स्टॉल लगाए गए।
जिलाधिकारी एवं महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों से सीधा संवाद किया।

चौधरी चरण सिंह: किसान हितों की क्रांति का नाम

मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा—

“जमींदारी उन्मूलन कानून सिर्फ कानून नहीं, किसानों की गुलामी की जंजीर तोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम था।”

उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सुरक्षा कवच है।

तकनीक, जानकारी और नवाचार का संगम

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने किसानों को व्यावहारिक और तकनीकी जानकारी दी—

  • डॉ. घनश्याम वर्मा (उप कृषि निदेशक) ने चौधरी चरण सिंह के संघर्षमय जीवन और कृषि सुधारों पर प्रकाश डाला
  • कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी व अमरूद की खेती की उन्नत तकनीक समझाई
  • डॉ. पिंटू कुमार ने दलहन-तिलहन फसलों (चना, मसूर, अरहर, सरसों) की वैज्ञानिक खेती पर मार्गदर्शन दिया
  • जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए मानक रसायनों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी
90 प्रगतिशील किसान बने आयोजन की शान

कृषि, गन्ना, उद्यान, पशुपालन और मत्स्य विभाग से जुड़े 90 उत्कृष्ट किसानों को प्रमाण पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन किसानों के लिए प्रेरणा बना, जो नवाचार और वैज्ञानिक खेती से गांव की तस्वीर बदल रहे हैं।

विश्लेषण: क्यों खास रही यह गोष्ठी?

✔ केवल भाषण नहीं, व्यावहारिक समाधान
✔ पारंपरिक खेती से आगे आय बढ़ाने की स्पष्ट रणनीति
✔ सरकारी योजनाओं की ग्राउंड-लेवल जानकारी
✔ किसान, प्रशासन और विशेषज्ञ—तीनों का सीधा संवाद

निष्कर्ष

स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती पर आयोजित यह कृषि गोष्ठी साबित करती है कि यदि नीति, तकनीक और किसान एक साथ चलें, तो खेती घाटे का नहीं, लाभ का सौदा बन सकती है।
बिजनौर से उठी यह पहल आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कृषि दिशा बदलने का संकेत देती है।

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