किसानों की समस्याओं पर भाकियू का जोरदार दबाव: जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने डीएम को सौंपा 7 सूत्रीय ज्ञापन
रिपोर्ट। अवनीश त्यागी
बिजनौर, 03 दिसंबर 2025
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिला अध्यक्ष चौधरी सुनील प्रधान ने आज किसानों से जुड़ी महत्वपूर्ण समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी महोदया को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पश्चिमी प्रदेश सचिव चौधरी कुलदीप सिंह, जिला उपाध्यक्ष चौधरी प्रवेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष ठाकुर हर्षवर्धन, मंडल मुख्य महासचिव (युवा) मोनू प्रधान, हिमांशु चौधरी, वीरेंद्र प्रधान, विवेक बालियान सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
यह ज्ञापन न सिर्फ सड़कों और नहरों की बदहाली, बल्कि किसानों की फसल, सिंचाई, खाद आपूर्ति और वन्यजीव समस्या जैसी संवेदनशील मुद्दों को उठाने वाला रहा।
विश्लेषण: किसानों की जमीनी समस्याओं पर सीधी चोट
भाकियू ने ज्ञापन में कुल 7 प्रमुख समस्याओं को उठाया है, जो सीधे तौर पर खेती, सड़क व सिंचाई तंत्र और ग्रामीण सुरक्षा से जुड़ी हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि ये समस्याएँ लंबे समय से उठाई जा रही हैं, लेकिन समाधान की प्रक्रिया धीमी है।
📌 ज्ञापन की मुख्य मांगें
1. खराब सड़क का निर्माण—कुंडा भागेन से साहनगर तक खतरे में सफर
कुंडा भागेन से साहनगर मार्ग पर नहर पटरी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से ग्रामीणों, छात्रों और किसानों को आवागमन में भारी दिक्कत होती है। भाकियू ने तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।
2. नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए
संगठन ने कहा कि सिंचाई के बिना किसान बेहाल हैं। रबी फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है, इसलिए नहरों में तुरंत जलापूर्ति शुरू कराई जाए।
3. आवारा पशु समस्या—फसलों को भारी नुकसान
जनपद में आवारा पशुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। रात-दिन की रखवाली के बावजूद फसलें नष्ट हो रही हैं। भाकियू ने प्रभावी रोकथाम और प्रबंधन की मांग की।
4. गन्ना भुगतान शीघ्र शुरू किया जाए
भिलाई गन्ना मिल द्वारा पिछले वर्ष का भुगतान पूरा हो चुका है, लेकिन चालू वर्ष का भुगतान अब तक शुरू नहीं हुआ। किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल भुगतान आरंभ करने की मांग रखी गई।
5. यूरिया–डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित हो
यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में जनपद में यूरिया और डीएपी की कमी न हो। समितियों को समय से खाद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
6. गुलदार पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन
अप्रैल में गुलदार की समस्या गंभीर हो चुकी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है। भाकियू ने वन विभाग से विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की मांग की।
7. गेहूं बुआई हेतु बीज की पर्याप्त उपलब्धता
संगठन ने समितियों में समय से और पर्याप्त मात्रा में गेहूं का बीज उपलब्ध कराने की मांग की ताकि किसान बिना देरी से बुवाई कर सकें।
आंदोलन की चेतावनी भी संकेतों में
भाकियू नेताओं ने कहा कि यदि इन समस्याओं का समय-bound समाधान नहीं हुआ, तो संगठन आंदोलनात्मक रुख भी अपना सकता है। किसानों के मुद्दों पर प्रशासन की कार्यशैली पर निगरानी जारी रहेगी।











