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फैमिली आईडी से हर घर तक पहुँचेगी सरकारी सुविधा — जिलाधिकारी जसजीत कौर

फैमिली आईडी से हर घर तक पहुँचेगी सरकारी सुविधा — जिलाधिकारी जसजीत कौर

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक, विभागों को दिए गए सख्त निर्देश — पारदर्शिता और जवाबदेही पर डीएम का फोकस

📍 बिजनौर | 08 अक्टूबर 2025 | अवनीश त्यागी की विशेष रिपोर्ट

जनपद बिजनौर में शासन की प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं की प्रगति को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में आज शाम कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, मनरेगा, एनआरएलएम, आपूर्ति विभाग और पशुधन विभाग से जुड़े अधिकारियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

डीएम जसजीत कौर ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र नागरिकों तक पारदर्शी तरीके से पहुँचे, और इस दिशा में सभी विभागों को “समन्वय और गति” के साथ कार्य करना होगा।

फैमिली आईडी: हर परिवार की विशिष्ट पहचान, पारदर्शी योजनाओं की नींव

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही फैमिली आईडी योजना नागरिकों को एकीकृत डिजिटल पहचान देने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।
उन्होंने कहा —

“हर परिवार को एक विशिष्ट पहचान मिलेगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे वास्तविक पात्र तक पहुँचेगा।”

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि —

  • ग्रामवार सूची बनाकर फैमिली आईडी के शत-प्रतिशत लक्ष्य को पूरा किया जाए।
  • अभियान के रूप में जनता को इस योजना के प्रति जागरूक किया जाए।
  • प्रत्येक परिवार का डेटा सटीक और सत्यापित रूप में अपलोड किया जाए।
  • योजना से जुड़े किसी भी तकनीकी या फील्ड स्तर की समस्या का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने कहा कि यह योजना “एक परिवार, एक पहचान” की भावना को साकार करेगी और शासन की पारदर्शी व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।

राशन कार्ड सत्यापन में तेजी — अपात्रों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक में डीएम जसजीत कौर ने आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि राशन कार्ड प्रणाली पूरी तरह साफ-सुथरी और पारदर्शी बनाई जाए।
उन्होंने कहा —

“अपात्र लाभार्थियों को लिस्ट से हटाना और पात्र व्यक्तियों को शामिल करना प्राथमिकता होनी चाहिए।”

उन्होंने निर्देश दिए कि —

  • राशन कार्ड एडिशन एवं डिलीटेशन का कार्य तय मानकों के अनुरूप किया जाए।
  • सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
  • पात्र परिवारों को समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित हो।
  • ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों को सक्रिय कर, अनियमितताओं की रिपोर्टिंग की जाए।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि राशन कार्ड सत्यापन का उद्देश्य किसी को वंचित करना नहीं, बल्कि सही लाभार्थी तक सुविधा पहुँचाना है।

पंचायती राज और मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता व गुणवत्ता पर जोर

बैठक में पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायतों के विकास के लिए संचालित कार्यक्रमों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि—

  • विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
  • विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो।
  • पंचायत स्तर पर परियोजनाओं की निगरानी प्रणाली को और सशक्त किया जाए।
  • प्रत्येक कार्य की भौतिक प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए।

डीएम ने कहा कि ग्राम्य विकास की गति तभी तेज होगी जब अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रियता से कार्य करें और जनता से संवाद बनाए रखें।

पशुधन विभाग की समीक्षा: गौशालाओं में चारा, पानी और प्रकाश की समुचित व्यवस्था जरूरी

बैठक में पशुधन विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए डीएम जसजीत कौर ने कहा कि—

“जनपद की सभी गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पेयजल, रोशनी और शेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।”

उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पशुओं को कष्ट नहीं होना चाहिए।
डीएम ने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना और मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा योगदान मिल रहा है, अतः इनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचना चाहिए।

डीएम का संदेश: अधिकारी अपने दायित्व को समझें, जनता को समय पर सेवा मिले

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बैठक के अंत में कहा कि—

“हर अधिकारी अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई भी बाधा या समस्या हो तो तत्काल अवगत कराएं, ताकि उसका समाधान समय रहते किया जा सके।”

उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है — “जनहित, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण”
डीएम ने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ जनता के हित में कार्य करें।

बैठक में उपस्थित अधिकारी:

मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा,
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुनाल रस्तोगी,
डीसी एनआरएलएम,
जिला पंचायत राज अधिकारी,
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी,
तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष:

बिजनौर प्रशासन की यह समीक्षा बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक सुधार और पारदर्शी शासन का संकेत है।
जिलाधिकारी जसजीत कौर के नेतृत्व में जनपद प्रशासन अब “फील्ड फोकस्ड और रिजल्ट ड्रिवन गवर्नेंस” की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।
फैमिली आईडी से लेकर राशन कार्ड सत्यापन और पंचायत योजनाओं तक — हर कदम का लक्ष्य है “जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ, बिना किसी बाधा के।”

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