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भुईयार समाज का बड़ा निर्णय: बिजनौर में बनेगी धर्मशाला, भूमि क्रय की प्रक्रिया शुरू

 भुईयार समाज का बड़ा निर्णय: बिजनौर में बनेगी धर्मशाला, भूमि क्रय की प्रक्रिया शुरू
 सामाजिक उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम

बिजनौर। भुईयार समाज उत्थान समिति ने एक ऐसा निर्णय लिया है जो आने वाले वर्षों में समाज की पहचान और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बनेगा। समिति की बैठक में यह तय किया गया कि बिजनौर मुख्यालय पर धर्मशाला का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 192 वर्ग गज भूमि का चयन किया जा चुका है।

 बैठक का आयोजन और प्रमुख बिंदु

  • बैठक का आयोजन बक्सीवाला फाटक स्थित महासिंह के नवनिर्मित व्यावसायिक भवन में हुआ।
  • अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष करणपाल सिंह ने की और संचालन महामंत्री बलजीत सिंह ने किया।
  • धर्मशाला निर्माण के लिए भूमि क्रय पर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से निर्णय पारित किया गया।

 कौन-कौन रहे शामिल?

समिति की कोर कमेटी व अन्य गणमान्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • संरक्षक: राजपाल सिंह, विजयपाल सिंह
  • कार्यकारी अध्यक्ष: बलवंत सिंह
  • महामंत्री: बलजीत सिंह
  • मंत्री: ओंकार सिंह
  • कोषाध्यक्ष: सुभाष सिंह
  • प्रचार मंत्री: शेर सिंह
  • इसके अलावा महासिंह, नरेंद्र सिंह, चरण सिंह, ओमकार विनायक, मानसिंह, संदीप कुमार, महेंद्र सिंह, पवन कुमार (झीरन वाले), नरेंद्र सिंह (शादीपुर), विजय सिंह प्रधान, जौनी, ओमवीर सिंह, धनीराम, सुरेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, अशोक कुमार प्रधान, विजय सिंह (पूर्व प्रधान पाडला) और नूरपुर से मास्टर हरपाल सिंह, कैलाश सिंह, विजयपाल, देवराज सिंह, राजवीर सिंह आदि शामिल रहे।

 क्यों महत्वपूर्ण है यह धर्मशाला?

  1. सामाजिक एकता का प्रतीक – धर्मशाला बनने से समाज के लोग विवाह, संस्कार और सामूहिक बैठकों के लिए एक स्थायी स्थल पाएंगे।
  2. नई पहचान का निर्माण – शहर के हृदय स्थल पर धर्मशाला समाज की पहचान और गरिमा को नई ऊँचाई देगी।
  3. सामूहिक सहयोग की मिसाल – भूमि क्रय से लेकर निर्माण तक का कार्य समाज के आपसी सहयोग पर आधारित होगा, जो एकता और सहभागिता का संदेश देगा।
  4. आर्थिक व सामाजिक लाभ – धर्मशाला न केवल धार्मिक-सामाजिक कार्यों का केंद्र बनेगी, बल्कि समाज की नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

 समाज की उम्मीदें

बैठक में मौजूद सदस्यों ने धर्मशाला निर्माण को “ऐतिहासिक कदम” बताते हुए कहा कि यह समाज के भविष्य को दिशा देने वाला कार्य होगा। सभी पदाधिकारियों ने मिलकर अधिक से अधिक सहयोग और पारदर्शिता के साथ कार्य पूरा करने का संकल्प दोहराया।

निचोड़

भुईयार समाज उत्थान समिति का यह निर्णय न केवल एक इमारत खड़ी करने का संकल्प है, बल्कि यह समाज के आत्मविश्वास और सामूहिक सोच का प्रतीक है। आने वाले समय में जब यह धर्मशाला अस्तित्व में आएगी, तब यह समाज के हर वर्ग को एकजुट करने वाली धरोहर के रूप में देखी जाएगी।

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