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बलरामपुर पुलिस ने सनसनीखेज घटना का किया सफल अनावरण, मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार

बलरामपुर पुलिस ने सनसनीखेज घटना का किया सफल अनावरण, मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार

बलरामपुर : बलरामपुर पुलिस ने ग्राम महरी भोजपुर के निकट राप्ती नदी के किनारे घायलावस्था में मिली महिला के मामले का सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन, हथियार और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

घटना का विवरण

29 मार्च 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम महरी, राप्ती नदी के किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी हुई है। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और महिला को इलाज के लिए सीएचसी भेजा गया, जहाँ से उसे गंभीर स्थिति को देखते हुए केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया। जांच के दौरान पता चला कि महिला जनपद सिद्धार्थनगर के थाना जोगिया क्षेत्र की निवासी है। पुलिस ने तत्काल इस मामले में मु0अ0सं0 28/25 धारा 109, 124(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

जांच एवं गिरफ्तारी

बलरामपुर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में तीन टीमें गठित की गईं। अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) नम्रिता श्रीवास्तव के नेतृत्व और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योतिश्री के पर्यवेक्षण में गहन जांच की गई। पुलिस की गहन विवेचना में दो अभियुक्तों – अजय उर्फ गौरी शंकर और धर्मेंद्र सोनी उर्फ आकाश का नाम सामने आया।

पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी मेहदावल रोड स्थित रामजानकी मंदिर के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने घटना के बाद इस्तेमाल किए गए उपकरण भोजपुर महरी रोड के नाले के पास छिपा दिए थे। बरामदगी के दौरान दोनों अभियुक्तों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान दोनों आरोपी घायल हो गए, जिन्हें चिकित्सा के लिए अस्पताल भेजा गया।

अपराध की पृष्ठभूमि

गिरफ्तार अभियुक्तों में से अजय उर्फ गौरी शंकर ने बताया कि पीड़िता से उसकी जान-पहचान करीब चार वर्षों से थी और वह उसे ब्लैकमेल कर रही थी। इसके अलावा, उसे यह भी जानकारी मिली थी कि पीड़िता के खाते में लगभग आठ लाख रुपये हैं, जिसे निकालने के लिए वह उसके फोन का पासवर्ड लेना चाहता था। जब पीड़िता ने सहयोग नहीं किया, तो उसने उसे मारने की योजना बना ली। अपने साथी धर्मेंद्र सोनी को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।

28 मार्च को दोनों ने पीड़िता को जमीन दिखाने के बहाने बुलाया और कार में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गए। वहां पीड़िता से मोबाइल का पासवर्ड मांगा, लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों ने हथौड़े से उस पर हमला किया। बेहोश होने के बाद उसके हाथ-पैर बांधकर कार की डिक्की में डाल दिया और अगले दिन सुबह उसे मृत समझकर राप्ती नदी के किनारे फेंक दिया।

बरामदगी

  1. घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन (MH04 CJ317)
  2. रक्तरंजित हथौड़ा
  3. रक्तरंजित प्लास
  4. तेजाब की खाली शीशी
  5. रस्सी के टुकड़े
  6. जूट का बोरा
  7. रक्तरंजित मास्क
  8. पीड़िता का मोबाइल
  9. अभियुक्त का मोबाइल

पुलिस टीम का योगदान

इस सनसनीखेज घटना के अनावरण में थाना गौरा चौराहा पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बलरामपुर पुलिस की त्वरित कार्यवाही और सटीक जांच से एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश हुआ। यह मामला न केवल अपराधियों के मनोविज्ञान को उजागर करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आधुनिक तकनीक और पुलिस की सतर्कता से किसी भी जघन्य अपराध की गुत्थी सुलझाई जा सकती है।

 

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