गंगा एक्सप्रेसवे की मांग: बिजनौर के विकास की नई उम्मीद

बिजनौर। गंगा किनारे बसे बिजनौर जनपद में गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर मांग लगातार तेज होती जा रही है। स्थानीय राजनैतिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक संगठन एकजुट होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लगातार पत्र भेज रहे हैं, जिसमें अमरोहा से लेकर बिजनौर होते हुए हरिद्वार तक गंगा के किनारे-किनारे एक्सप्रेसवे निकालने की मांग की जा रही है। यह मांग न केवल क्षेत्र के औद्योगिक और पर्यटन विकास की संभावनाओं को उजागर करती है, बल्कि स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को भी बल देती है।
स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता
नजीबाबाद के सरस्वती पुस्तकालय के अध्यक्ष अतुल माहेश्वरी, मंत्री प्रदीप डेजीव और कोषाध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को संयुक्त मांग पत्र भेजा है। उनका कहना है कि बिजनौर की आर्थिक प्रगति के लिए गंगा एक्सप्रेसवे का इस क्षेत्र से होकर गुजरना आवश्यक है। इसी प्रकार अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के संस्थापक राजेश मिश्रा, संरक्षक राजेन्द्र त्यागी और अन्य सदस्यों ने विदुर कुटी, गंगा बैराज, बालावाली, नांगल सोती होते हुए हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे विस्तार की मांग रखी है।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा बढ़ावा
बिजनौर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है। विदुर कुटी, कण्व ऋषि आश्रम और गंगा बैराज जैसे स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। एक्सप्रेसवे के माध्यम से इन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
आर्थिक विकास की संभावनाएं
भाजपा पिछड़ा मोर्चा सोशल मीडिया जिला प्रमुख रितेश सैन ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिजनौर से होकर एक्सप्रेसवे निकालने की मांग की है। उनका मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने से औद्योगिक निवेश आकर्षित होगा, जिससे क्षेत्र में नई फैक्ट्रियां, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब बन सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या में कमी आएगी।
जनता की आवाज़ और प्रशासन की भूमिका
शिव मंदिर धर्मशाला ट्रस्ट के ट्रस्टी योगेश शुक्ला, सुशील शुक्ला और अतुल अग्रवाल ने भी बिजनौर के सर्वांगीण विकास के लिए एक्सप्रेसवे की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि गंगा किनारे बसने वाले ग्रामीण इलाकों को एक्सप्रेसवे से सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से किसान अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
क्या होगा आगे?
अब सवाल यह है कि सरकार इस मांग पर कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हुआ है, और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं राज्य को आर्थिक रूप से और मजबूत कर सकती हैं। बिजनौर के लोगों को उम्मीद है कि उनकी आवाज़ लखनऊ तक पहुंचेगी और क्षेत्र के विकास के लिए यह ऐतिहासिक फैसला जल्द लिया जाएगा।
बिजनौर से होकर गंगा एक्सप्रेसवे निकालने की मांग केवल एक सड़क परियोजना की मांग नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान की आधारशिला साबित हो सकती है। यदि सरकार इस मांग को पूरा करती है, तो यह बिजनौर ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक नया विकास पथ खोल सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जनता की यह एकजुट आवाज़ कब तक हकीकत बन पाती है।











