गन्ना भुगतान में देरी से नाराज किसानों ने की तालाबंदी, भाकियू ने दी आंदोलन की चेतावनी

बिजनौर: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) तहसील सदर की मासिक पंचायत आज जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर आयोजित की गई। पंचायत का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष कोमन सिंह ने किया। इस दौरान किसानों ने गन्ना भुगतान में हो रही देरी, गन्ना मिलों की नीतियों और अन्य समस्याओं को लेकर विरोध दर्ज कराया।
गन्ना भुगतान में देरी से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब
बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि बिलाई मिल ने अब तक केवल 15 नवंबर तक का ही गन्ना भुगतान किया है, जबकि मौजूदा हालात में किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। फसल का पूरा भुगतान न मिलने से किसान अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो रहे हैं। किसानों ने मांग की कि भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
मिलों की मनमानी पर नाराजगी
किसानों का कहना है कि गन्ना मिलें अपने फायदे के लिए किसानों पर नई गन्ना किस्में उगाने का दबाव बना रही हैं, जबकि किसान वही गन्ना बोना चाहते हैं जो उनकी जमीन और जलवायु के अनुसार अधिक उत्पादन दे सके। इसके अलावा, मिलें सामान्य, रिजेक्ट और अरली सभी गन्ना कोड खोलें, जिससे किसान अपनी सभी गन्ना वैरायटी को बिना किसी परेशानी के बेच सकें।
मेली की ऊंची कीमतें और इड्डैन की समस्या
किसानों ने यह भी मांग रखी कि गन्ना मिलें किसानों को न्यूनतम दर पर मेली (गन्ने का अवशेष) उपलब्ध कराएं ताकि पशुपालन करने वाले किसानों को राहत मिल सके। साथ ही, बरकातपुर मिल का इड्डैन (गन्ना तौल केंद्र) बढ़ाने की मांग भी उठाई गई, जिससे किसानों को अपने गन्ने की तौल में आसानी हो।
गन्ना बासी बताकर ट्रकों की वापसी से आक्रोश
किसानों का एक बड़ा आरोप यह भी है कि मिलें “गन्ना बासी” बताकर ट्रकों को वापस भेज रही हैं, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। गन्ना कटाई और परिवहन के बाद ट्रक लौटने से न सिर्फ उनका समय और श्रम बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि यह समस्या जारी रही तो भाकियू इसके खिलाफ बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी की गैरमौजूदगी पर किसानों का रोष
पंचायत के दौरान किसान अपनी मांगों को लेकर जिला गन्ना अधिकारी से मिलने पहुंचे, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी से नाराज किसानों ने कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक कोई सक्षम अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं आता, तब तक तालाबंदी जारी रहेगी।
प्रदर्शन में कई किसान नेता रहे मौजूद
इस पंचायत में ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मदपुर देवमल डॉ. विजय चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष हल्दौर धर्मेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, पंकज शहरावत, तिलकराम खोब्बे, विकार अहमद, सूर्य बालियान, सुखदेव सिंह, बेगराज सिंह, तेजपाल सिंह, सतपाल सिंह, सुमित पुष्पेंद्र, नेपाल सिंह और कामेन्दर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
गन्ना किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन मिलों की ओर से समाधान के प्रयास न होने के कारण किसान आंदोलन के रास्ते पर हैं। यदि प्रशासन और मिल प्रबंधन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो किसान आंदोलन तेज कर सकते हैं, जिससे गन्ना सीजन में संकट और बढ़ सकता है।











