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बागपत। हिंदी भाषा और रोजगार संभावनाओं पर संगोष्ठी, युवाओं ने साझा किए विचार

बागपत। हिंदी भाषा और रोजगार संभावनाओं पर संगोष्ठी, युवाओं ने साझा किए विचार

बागपत।  केनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय, बागपत द्वारा सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और रोजगार संभावनाओं पर एक भव्य संगोष्ठी एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों और युवाओं ने “हिंदी में रोजगार की संभावना” विषय पर विचार-विमर्श किया।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन केनरा बैंक क्षेत्रीय प्रमुख अश्विनी कुमार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि रोजगार की अपार संभावनाएँ भी समेटे हुए है। उन्होंने पत्रकारिता, अध्यापन, विज्ञापन, तकनीकी अनुवाद, लेखन, डिजिटल मार्केटिंग और सॉफ्टवेयर लोकलाइज़ेशन जैसे क्षेत्रों में हिंदी के महत्व को रेखांकित किया।

युवाओं ने रखे अपने विचार

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्रों ने हिंदी भाषा के बढ़ते महत्व और रोजगार में इसकी उपयोगिता पर जोर दिया। वंशिका ने कहा कि हिंदी के ज्ञान से पत्रकारिता, केंद्रीय संस्थानों में राजभाषा कार्यान्वयन और अध्यापन के क्षेत्र में अवसर प्राप्त हो सकते हैं। यश जैन ने वैश्वीकरण और डिजिटलीकरण के युग में हिंदी की प्रासंगिकता पर जोर दिया। अन्य प्रतिभागियों, जैसे प्रेरणा, काजल, सीमा, छवि शर्मा, शिवानी, संध्या सैनी, पलक, अंतिमा शर्मा, सुहाना, देव, तनु पांचाल और अनन्या ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

नेहरू युवा केंद्र बागपत के स्वयंसेवकों ने भी प्रतियोगिता में भाग लिया। इस अवसर पर केनरा बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक, राजभाषा अभय नाथ मिश्र ने बताया कि बैंकिंग, न्यायपालिका, लोक सेवा आयोग, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्रों में हिंदी भाषा के जानकारों की मांग बढ़ रही है।

प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित

निर्णायक मंडल में डॉ. प्रदीप ठाकुर, डॉ. परमानंद शर्मा और डॉ. कमला अग्रवाल ने भाग लिया और प्रतिभागियों के विचारों की सराहना की। प्रतियोगिता में वंशिका प्रथम, प्रेरणा द्वितीय और यश जैन तृतीय स्थान पर रहे, जबकि पलक जैन और अंतिमा शर्मा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अवसर पर लेक्सा भूटिया, प्रबंधक, केनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय, ने बैंकिंग क्षेत्र में हिंदी भाषा की बढ़ती उपयोगिता पर चर्चा की। वहीं, राज्य युवा विवेकानंद अवार्ड विजेता अमन कुमार ने हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ाने की अपील की।

अंत में कला संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. इंदिरा चौहान ने युवाओं से नए भाषा कौशल विकसित करने पर जोर दिया। इस सफल आयोजन में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. गौरव चौहान, डॉ. सतीश राठौर, डॉ. तरुण चौहान, डॉ. पूनम चौहान, डॉ. लक्ष्मी शर्मा, डॉ. उधम, डॉ. भारत और डॉ. सुरेश कुमार का विशेष योगदान रहा।

इस संगोष्ठी ने न केवल हिंदी भाषा की व्यावसायिक संभावनाओं को उजागर किया, बल्कि युवाओं को हिंदी को एक प्रभावी रोजगार साधन के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित भी किया।

 

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