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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संगठित हुए कर्मचारी संगठन

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संगठित हुए कर्मचारी संगठन

उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की नव निर्वाचित जिला कार्यकारिणी का किया भव्य स्वागत

बिजनौर,उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ जनपद शाखा बिजनौर ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की नवनियुक्त जिला कार्यकारिणी का भव्य स्वागत किया। यह कार्यक्रम विकासखंड मोहम्मदपुर देवमल के कार्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडलीय मंत्री रूपेश कुमार ने की, जबकि संचालन का दायित्व जिला अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने निभाया।

स्वागत समारोह में जिला संरक्षक देशराज सिंह, जिलाध्यक्ष धीरज सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह, जिला मंत्री क्रांति कुमार शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश पाल और अटेवा प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह को फूल-मालाओं से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर संगठित संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

संघर्ष की रणनीति और संगठित आंदोलन पर बल

बैठक के दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को अपनी प्रमुख मांग बताते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।

बैठक में एडीओ राकेश कुमार डबास ने कर्मचारियों से संगठित रहने का आह्वान किया और कहा कि केवल एकजुट संघर्ष से ही अपने हक को हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष अश्वनी कुमार, जिला संरक्षक संदीप कुमार, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार वाल्मीकि, जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार, पूर्व जिला मंत्री पंकज कटारिया, जिला प्रभारी फतेह सिंह, जिला प्रवक्ता दीपक देव, प्रकाशचंद्र प्रजापति, संजय कुमार, ओमकार प्रजापति, धर्मपाल सिंह, नरेश और चतर सिंह सहित कई कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।

पुरानी पेंशन बहाली: कर्मचारियों की प्रमुख मांग

गौरतलब है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना (NPS) लागू होने के बाद से ही कर्मचारी संगठनों द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग उठाई जा रही है। कर्मचारियों का तर्क है कि नई पेंशन योजना उनके भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को कमजोर करती है, जबकि पुरानी पेंशन प्रणाली उनके जीवन यापन के लिए अधिक सुरक्षित और लाभदायक थी।

देश के विभिन्न राज्यों में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन चल रहे हैं और कई राज्यों ने इसे आंशिक या पूर्ण रूप से लागू भी किया है। उत्तर प्रदेश में भी यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है, और कर्मचारी संगठनों का दावा है कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाते रहेंगे।

संघर्ष की राह और आगे की रणनीति

बैठक में मौजूद कर्मचारी नेताओं ने साफ किया कि अगर उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वे अपनी मांगों को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार के समक्ष ज्ञापन सौंपेंगे, प्रदर्शन करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो बड़े स्तर पर हड़ताल भी की जाएगी।

यह बैठक कर्मचारियों के लिए एकजुटता और संघर्ष के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक थी। पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है। अगर कर्मचारियों की मांगों को नज़रअंदाज़ किया गया, तो उत्तर प्रदेश में भी अन्य राज्यों की तरह एक बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।

 

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