EXCLUSIVE: बिजनौर में पूर्व सांसद पर ‘जानलेवा हमला’ — तालिब बंधु जेल, सील तोड़ चल रही थी आरा मशीन!
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
📍 बिजनौर
बिजनौर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तालिब, खालिद और आबिद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया, बल्कि अवैध कारोबार, प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दबाव के त्रिकोण में फंसता नजर आ रहा है।
घटना की पूरी टाइमलाइन: कैसे बढ़ा विवाद?
चांदपुर मार्ग स्थित तालिब बंधुओं की आरा मशीन पहले से ही प्रशासन द्वारा सील की जा चुकी थी। बावजूद इसके, गुपचुप तरीके से मशीन का संचालन जारी था।
शिकायत और जांच:
- स्थानीय निवासी तुषार मलिक ने ड्रोन वीडियो के जरिए अवैध संचालन की शिकायत की
- प्रशासन हरकत में आया, एडीएम न्यायिक और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
- जांच में पाया गया कि फरवरी में लगी सील को तोड़कर मशीन चलाई जा रही थी
इसी दौरान पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और यहीं से हालात बिगड़ गए।
हमले का सनसनीखेज घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक:
- तालिब बंधुओं ने अचानक भारतेंद्र सिंह पर हमला कर दिया
- उनके गनर से कार्बाइन छीनने की कोशिश की गई
- उन्हें जबरन गाड़ी से बाहर खींचने का प्रयास हुआ
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि भारतेंद्र सिंह को अपनी जान बचाकर मौके से निकलना पड़ा और सीधे एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई: तुरंत गिरफ्तारी, जेल रवाना
शहर कोतवाली पुलिस ने तुषार मलिक की तहरीर पर:
- तालिब, खालिद, आबिद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया
- देर रात तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
- अदालत में पेशी के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया
🔴 धाराएं शामिल:
- जानलेवा हमला
- सरकारी कार्य में बाधा
- बलवा
वन विभाग का शिकंजा भी कसा
इस पूरे प्रकरण में वन विभाग ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
👉 तालिब की पत्नी के खिलाफ सील तोड़कर अवैध रूप से आरा मशीन संचालित करने के आरोप में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है।
लखनऊ तक पहुंची गूंज, बढ़ेगी कार्रवाई?
यह मामला अब प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच चुका है।
📌 सूत्रों के अनुसार:
- पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घटना से अवगत कराया
- शासन स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई है
- आरोपियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं
विश्लेषण: सिस्टम पर सवाल, सुरक्षा पर बहस
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- सील लगी आरा मशीन आखिर कैसे चल रही थी?
- प्रशासनिक निगरानी में इतनी बड़ी चूक क्यों?
- जांच टीम के सामने ही सुरक्षा व्यवस्था क्यों ध्वस्त हुई?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला केवल अपराध नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की भी परीक्षा है।
TargetTvLive विश्लेषण
TargetTvLive की पड़ताल में सामने आया कि यदि समय रहते शिकायत पर सख्त कार्रवाई होती, तो यह घटना टाली जा सकती थी। स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियों पर ढील और प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया।
निष्कर्ष
बिजनौर की यह घटना बताती है कि कानून का डर खत्म होने पर हालात कितने भयावह हो सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी पारदर्शिता और सख्ती दिखाता है, और क्या यह कार्रवाई नजीर बन पाएगी।
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