गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू प्रतिनिधिमंडल की DM से मुलाकात

बिजनौर: जिले में गन्ना किसानों की समस्याओं, सिंचाई संकट और अवैध खनन को लेकर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला। किसानों ने चीनी मिलों द्वारा जबरदस्ती कम उत्पादन वाली गन्ने की वैरायटी थोपने, बकाया गन्ना भुगतान, क्षतिग्रस्त सड़कों और नहरों में पानी न पहुंचने जैसी समस्याओं पर जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
गन्ना भुगतान में देरी और गलत वैरायटी का दबाव
किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि बिजनौर की विलाई चीनी मिल ने अभी तक केवल 15 नवंबर तक का भुगतान किया है, जबकि तीन महीने का भुगतान अभी भी लंबित है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है।
इसके अलावा, चीनी मिलें जबरन ऐसी गन्ना वैरायटी को बढ़ावा दे रही हैं, जो कम उत्पादन देती हैं, पशुओं के चारे के लायक नहीं होतीं और अधिक कीटनाशकों की जरूरत पड़ती है। किसानों ने इस मुद्दे पर मिल प्रबंधन को निर्देश देने की मांग की, ताकि वे केवल उच्च उत्पादकता वाली गन्ना वैरायटी स्वीकार करें।
सिंचाई संकट और अव्यवस्थित जल आपूर्ति
हर घर जल परियोजना के तहत तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत न होने से गांवों में जलभराव और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, किसानों को सबसे ज्यादा समस्या सिंचाई की पानी की उपलब्धता को लेकर हो रही है। कई महत्वपूर्ण नहरें (चांदपुर माइनर, इमलिया माइनर, बकैन माइनर, लक्ष्मीधर माइनर) अभी तक पूरी तरह कार्यरत नहीं हैं। किसानों ने मांग की कि इन माइनर्स में जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाए ताकि उनकी फसल को बचाया जा सके।
खनन माफिया की बढ़ती सक्रियता और किसानों पर दुष्प्रभाव
प्रतिनिधिमंडल ने खनन माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी चिंता जताई। शिकायत की गई कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों पर धूल जम रही है, जो पशुओं के चारे पर चिपक रही है, जिससे मवेशी इसे खाने में असमर्थ हो रहे हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि खनन विभाग और खनन माफियाओं की मिलीभगत से किसानों को धमकाया जा रहा है। प्रशासन से मांग की गई कि खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध खनन पर रोक लगाई जाए।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
बीकेयू के इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव ठाकुर रामावतार सिंह, पश्चिम प्रदेश महासचिव चौधरी कुलदीप सिंह, प्रदेश सचिव जितेंद्र पहलवान सिंह, पश्चिम प्रदेश सचिव दिनेश कुमार, पश्चिम प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, जिला महासचिव नरदेव सिंह, जिला उपाध्यक्ष मुनेंद्र काकरान, तहसील महासचिव धर्मेंद्र कुमार, कपिल कुमार, अंकुर, दिनेश, अमरीश, जिला मीडिया प्रभारी संदीप त्यागी और तहसील महासचिव मुकेश कुमार सहित कई किसान शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से गन्ना भुगतान जल्द कराने, सही वैरायटी की अनुमति देने, सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने, जलभराव की समस्या हल करने और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और किसानों को उनकी समस्याओं से कब राहत मिलती है।











