Target Tv Live

“अब नहीं बख्शे जाएंगे लापरवाह अफसर! बिजनौर में बड़ा प्रशासनिक एक्शन”

बिजनौर में लापरवाह अफसरों पर कड़ा प्रहार! CDO का अल्टीमेटम—10 अप्रैल तक सुधारो हालात, वरना तय कार्रवाई

बिजनौर | 02 अप्रैल 2026 |
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, TargetTvLive

जनपद बिजनौर में विकास कार्यों में सुस्ती और लापरवाही अब अधिकारियों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। आकांक्षात्मक विकास खंडों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रण विजय सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए विकासखंड कोतवाली और नजीबाबाद के खंड शिक्षा अधिकारियों, एडीओ पंचायत तथा सीडीपीओ से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।

समीक्षा बैठक में खुली पोल, अधिकारियों को लगी फटकार

जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशों के अनुपालन में विकास भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान CDO ने पाया कि कायाकल्प कार्यक्रम, पोषण वितरण, शौचालय निर्माण एवं मरम्मत जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल इन योजनाओं में ढिलाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्पष्ट चेतावनी: “काम नहीं तो कार्रवाई तय”

CDO रण विजय सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा—

“आकांक्षात्मक विकास खंडों को मॉडल ब्लॉक बनाने के लिए शासन गंभीर है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

10 अप्रैल तक डेडलाइन, 11 अप्रैल को होगी बड़ी समीक्षा

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि:

  • सभी विभाग 10 अप्रैल 2026 तक निर्धारित इंडिकेटर्स के अनुसार कार्य पूर्ण करें
  • कार्यों में गुणवत्ता और मानक का विशेष ध्यान रखा जाए
  • 11 अप्रैल को होने वाली समीक्षा बैठक में कमी मिलने पर सीधे कार्रवाई होगी

इस अल्टीमेटम के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मचा हुआ है।

इन क्षेत्रों पर सरकार की पैनी नजर

आकांक्षात्मक विकास खंडों के तहत निम्न प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है:

  • स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं
  •  कुपोषण नियंत्रण एवं पोषण वितरण
  •  शिक्षा व्यवस्था में सुधार
  •  स्वच्छता एवं शौचालय निर्माण
  •  वित्तीय समावेशन
  •  कौशल विकास
  •  आधारभूत ढांचा

CDO ने निर्देश दिया कि सभी इंडिकेटर्स में राज्य औसत के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन किया जाए।

कम प्रगति पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू

CDO ने साफ किया कि:

“यदि किसी भी इंडिकेटर में प्रगति राज्य औसत से कम या गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।”

यह बयान प्रशासन की सख्त मंशा को स्पष्ट करता है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई अहम बैठक

इस समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • उपायुक्त NRLM वीरेन्द्र कुमार
  • जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी धर्मवीर सिंह
  • जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन सचान
  • जिला कार्यक्रम अधिकारी विमल चौबे
  • अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी

TargetTvLive विश्लेषण: अब परफॉर्मेंस ही पहचान

TargetTvLive के अनुसार, बिजनौर के कोतवाली और नजीबाबाद विकास खंडों को आकांक्षात्मक श्रेणी में शामिल कर सरकार ने इनके तीव्र विकास का लक्ष्य तय किया है।

ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही न केवल योजनाओं को प्रभावित करती है, बल्कि आम जनता तक पहुंचने वाले लाभ में भी बाधा बनती है।

CDO का यह सख्त रुख स्पष्ट संकेत देता है कि अब प्रशासन “परफॉर्म करो या परिणाम भुगतो” की नीति पर काम कर रहा है।

निष्कर्ष: अब लापरवाही नहीं चलेगी

बिजनौर में प्रशासनिक सख्ती का यह कदम एक बड़ा संदेश है—
👉 विकास कार्यों में देरी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी
👉 तय समयसीमा में परिणाम देना हर अधिकारी की जिम्मेदारी होगी

अब सभी की नजरें 11 अप्रैल की समीक्षा बैठक पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि कौन पास और कौन फेल।

#BijnorNews #TargetTvLive #AvnishTyagi #UPNews #CDOAction #BreakingNews #AspirationalBlocks #Development #Governance #Accountability #SwachhBharat #NutritionMission #EducationNews

Leave a Comment

यह भी पढ़ें