“डीएम का बड़ा एक्शन: 5 साल पुराने मामलों पर कसा शिकंजा, समाधान दिवस में अफसरों को सख्त चेतावनी”

📍 बिजनौर से बड़ी खबर: सिस्टम पर डीएम का फोकस, लापरवाही पर ‘नो टॉलरेंस’ नीति
बिजनौर | 23 मार्च 2026
जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सोमवार को नजीबाबाद तहसील में कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया—अब लापरवाही नहीं चलेगी। संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया।
5 साल से लंबित मामलों पर डीएम का सीधा आदेश
समाधान दिवस के बाद तहसील कार्यालय के निरीक्षण में डीएम ने सबसे ज्यादा फोकस 5 वर्षों से अधिक लंबित राजस्व वादों पर किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता पर निपटाया जाए ताकि वादियों को समय पर न्याय मिल सके।
👉 विश्लेषण:
यह निर्देश प्रशासनिक सुस्ती पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित मामलों की वजह से जनता में असंतोष बढ़ता है, जिसे खत्म करने के लिए यह कदम अहम है।
समाधान दिवस: मौके पर ही निस्तारण का दबाव
कवि दुष्यंत कुमार सभागार में आयोजित समाधान दिवस में कुल 21 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1 का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
डीएम ने निर्देश दिए कि:
- सभी शिकायतों का एक सप्ताह में निस्तारण किया जाए
- समाधान गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक हो
- शिकायतकर्ता की संतुष्टि रिपोर्ट भी संलग्न की जाए
👉 विश्लेषण:
यह मॉडल “ऑन-स्पॉट गवर्नेंस” को मजबूत करता है, जिससे जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
राजस्व वसूली और रिकॉर्ड मैनेजमेंट पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान डीएम ने:
- बकाया राजस्व वसूली की धीमी गति पर नाराजगी जताई
- आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) मिलान में तेजी लाने के निर्देश दिए
- अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और
- तहसील परिसर में स्वच्छता व सुविधाओं को दुरुस्त रखने को कहा
👉 विश्लेषण:
राजस्व वसूली में तेजी सीधे सरकारी आय को प्रभावित करती है, इसलिए यह प्रशासनिक प्राथमिकता का अहम हिस्सा है।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं” — अफसरों को सीधी चेतावनी
डीएम जसजीत कौर ने दो टूक कहा कि:
- शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई नहीं चलेगी
- हर अधिकारी जिम्मेदारी और समयपालन के साथ काम करे
- असंभव मामलों में स्पष्ट कारण लिखकर शिकायतकर्ता को बताया जाए
👉 विश्लेषण:
यह संकेत देता है कि अब जवाबदेही तय होगी और फाइलों में दबे मामलों को बाहर लाने की प्रक्रिया तेज होगी।
अच्छा काम करने वालों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) में बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
👉 विश्लेषण:
“रिवॉर्ड और पनिशमेंट” दोनों का संतुलन प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाता है।
कौन-कौन रहे मौजूद
इस दौरान
- उप जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह
- परियोजना निदेशक दिनकर भारती
- तहसीलदार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे
निष्कर्ष: प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा संकेत
डीएम का यह दौरा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रशासन को सक्रिय करने की ठोस पहल माना जा रहा है। लंबित मामलों पर सख्ती, राजस्व वसूली में तेजी और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश आने वाले समय में जिले की प्रशासनिक छवि को बदल सकते हैं।
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