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गाजीपुर में ‘हर घर जल’ पर सख्ती: DM जसजीत कौर ने बैठाई जांच, लापरवाही पर कार्रवाई तय!

गाजीपुर में ‘हर घर जल’ पर सख्ती: DM जसजीत कौर ने बैठाई जांच, लापरवाही पर कार्रवाई तय!

बिजनौर | 13 फरवरी 2026। अवनीश त्यागी की विशेष विश्लेषणात्मक रिपोर्ट 

विकास खंड नूरपुर के ग्राम गाजीपुर में आयोजित “गांव की समस्या–गांव में समाधान” चौपाल उस समय चर्चा का केंद्र बन गई, जब जसजीत कौर ने जलापूर्ति, पानी के कनेक्शन और सड़क मरम्मत में लापरवाही की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए।

ग्रामवासियों की ओर से उठाई गई समस्याओं ने न केवल स्थानीय कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि “हर घर जल” जैसे महत्वाकांक्षी अभियान की जमीनी हकीकत भी सामने रख दी।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम गाजीपुर में निर्माणाधीन पानी की टंकी तैयार होने के बावजूद कई घरों तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि:

  • घरों में पानी के कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराए गए
  • टंकी निर्माण के दौरान खोदी गई सड़कों की समुचित मरम्मत नहीं की गई
  • गुणवत्ता और समयबद्धता पर प्रश्नचिह्न है

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारियों/संस्थाओं पर कठोर कार्रवाई होगी।

‘जल जीवन मिशन’ पर फोकस, 100% कनेक्शन का निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता (जल निगम ग्रामीण) को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम के:

  • स्कूल
  • पंचायत भवन
  • बरात घर
  • मंदिर
  • तथा शत-प्रतिशत घरों

में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप जल कनेक्शन सुनिश्चित किए जाएं।

यह निर्देश प्रशासन की प्राथमिकता को दर्शाता है कि स्वच्छ पेयजल को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विकास कार्यों का सत्यापन: क्या मिला जमीनी रिपोर्ट में?

निरीक्षण के दौरान:

  • आंगनबाड़ी केंद्र
  • प्राथमिक विद्यालय
  • सीसी रोड निर्माण
  • अन्य विकास कार्य

मानक के अनुरूप पाए गए।

वृद्धावस्था, दिव्यांग एवं निराश्रित महिला पेंशन लाभार्थियों ने नियमित भुगतान की पुष्टि की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण भी संतोषजनक पाया गया।

आयुष्मान और पेंशन योजनाओं पर विशेष अभियान

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि:

  • 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों
  • अंत्योदय कार्डधारकों

के शत-प्रतिशत आयुष्मान भारत योजना कार्ड बनाए जाएं।

साथ ही विधवा, दिव्यांग और निराश्रित पेंशन के पात्र लाभार्थियों की पहचान कर विशेष कैंप के माध्यम से योजनाओं से जोड़ा जाए।

अवैध कब्जों पर भी सख्ती

ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। जांच टीम गठित कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

यह कदम ग्रामीण स्तर पर राजस्व और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्कूल निरीक्षण और सामाजिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया और बच्चों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक स्थिति जानी।

इसके अतिरिक्त:

  • बच्चों का अन्नप्राशन
  • गर्भवती महिलाओं की गोद भराई
  • मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण

जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

विश्लेषण: प्रशासनिक सख्ती या सिस्टम की कमजोरी?

गाजीपुर का मामला केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि योजनाएं कागज पर सफल दिखने के बावजूद जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में खामियां रह जाती हैं।

DM का सख्त रुख संकेत देता है कि अब जवाबदेही तय होगी। यदि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध होती है, तो यह मॉडल अन्य गांवों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

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रिपोर्ट: डिजिटल डेस्क, बिजनौर

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