प्रेम, धोखा और मौत: 15 दिन बाद खुला गन्ने के खेत का राज, मचा हड़कंप

रिपोर्ट l अवनीश त्यागी l TargetTvLive
बिजनौर/मंडावर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के मंडावर थाना क्षेत्र से प्रेम प्रसंग, हत्या और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालों से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि मुंबई में चिकन की दुकान चलाने वाले युवक ने अपनी तलाकशुदा प्रेमिका की हत्या कर उसका शव गन्ने के खेत में दफना दिया। घटना के खुलासे के बाद मुंबई पुलिस आरोपी को लेकर बिजनौर पहुंची, लेकिन कार्रवाई में देरी और कथित टालमटोल को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत
जानकारी के अनुसार मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम सैफपुर खादर निवासी फैसल अंसारी उर्फ शमी उर्फ समीर मुंबई के जोगेश्वरी क्षेत्र में चिकन की दुकान संचालित करता है। वहीं उसकी पहचान और फिर प्रेम संबंध मुंबई की रहने वाली 35 वर्षीय सना शमीम से हुआ। सना एक निजी अस्पताल में नर्स थीं और उनका पहले से तलाक हो चुका था। उनका एक नौ वर्षीय पुत्र भी है।
बताया जा रहा है कि फैसल 28 मई को ईद मनाने अपने गांव आया था। इसी दौरान सना भी उससे मिलने गांव पहुंच गई। आरोप है कि प्रेमिका के अचानक गांव पहुंचने से फैसल परेशान हो गया और उसे बाइक पर बैठाकर पास के एक गन्ने के खेत में ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को खेत में ही दफना दिया गया ताकि किसी को घटना की भनक न लग सके।
मोबाइल की आखिरी लोकेशन से खुला राज
मृतका की बहन शबाना आसिफ शेख के अनुसार 29 मई को उनकी सना से अंतिम बार बात हुई थी। उस समय उसने फैसल के साथ होने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने 2 जून को मुंबई के ओशिवारा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने शक की सुई फैसल की ओर घुमा दी। पूछताछ में आरोपी के कथित रूप से हत्या स्वीकार करने के बाद मुंबई पुलिस उसे लेकर बिजनौर पहुंची।
आरोपी की निशानदेही पर खेत में पहुंची पुलिस
शुक्रवार सुबह मुंबई पुलिस टीम आरोपी को लेकर मंडावर थाने पहुंची और स्थानीय पुलिस को साथ लेकर कथित घटना स्थल पर पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर खेत की तलाश शुरू हुई। इस दौरान पुलिस मृतका का बैग, मोबाइल सिम और शव दफनाने में इस्तेमाल औजारों की तलाश में घंटों खेतों में जुटी रही।
मौके पर सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह और मंडावर थानाध्यक्ष संजय तोमर भी पहुंचे तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल
घटना के दौरान सबसे बड़ा विवाद शव निकलवाने और पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि मुंबई पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्रियता नहीं दिखा रही थी।
मृतका की बहन शबाना ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस आरोपी के प्रति नरम रवैया अपना रही है और उसे बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर मंडावर पुलिस का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। थानाध्यक्ष संजय तोमर ने स्पष्ट किया कि यदि गुमशुदगी पहले से मुंबई में दर्ज है तो कानूनन आगे की कार्रवाई उसी आधार पर भी संभव है और पुलिस हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।
कई सवाल छोड़ गई यह घटना
यह मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय, जांच प्रक्रिया और पीड़ित परिवार के भरोसे से जुड़े कई सवाल भी खड़े करता है।
- क्या तकनीकी साक्ष्यों ने हत्या की पूरी कहानी उजागर कर दी है?
- क्या आरोपी ने पुलिस के सामने अपराध स्वीकार किया है?
- शव बरामदगी और पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी क्यों हुई?
- परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होगी या नहीं?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच की दिशा तय करेंगे।
क्षेत्र में सनसनी, न्याय की मांग तेज
घटना के बाद मंडावर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह प्रेम संबंधों की आड़ में विश्वासघात और क्रूर अपराध का भयावह उदाहरण है।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटी हैं। पूरे घटनाक्रम पर क्षेत्रवासियों और मृतका के परिजनों की निगाहें टिकी हुई हैं।
(नोट: आरोपी पर लगे आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अंतिम सत्य अदालत के निर्णय और आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थापित माना जाएगा।)
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी TargetTvLive












