Bijnor School Safety Alert
बरसात से पहले जर्जर स्कूल भवन गिराने का डीएम का बड़ा आदेश, 79 हाईटेंशन लाइनें अभी भी खतरा!
डीएम जसजीत कौर की सख्ती—79 हाईटेंशन लाइनें हटाने का अल्टीमेटम, ऑपरेशन कायाकल्प के अधूरे काम भी होंगे पूरे
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले बिजनौर प्रशासन ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में मौजूद जर्जर और खतरनाक भवनों को तुरंत चिन्हित कर गिराया जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय टास्क फोर्स एवं ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जहां भी पुराने और कमजोर कमरे हैं, वहां कक्षाओं को सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया जाए।
स्कूलों के ऊपर लटक रहा बिजली का खतरा, डीएम ने मांगी तत्काल कार्रवाई
बैठक में एक और गंभीर मुद्दा सामने आया। जिले में स्कूल परिसरों के आसपास चिन्हित 208 हाईटेंशन विद्युत लाइनों में से अभी तक 129 लाइनें हटाई जा चुकी हैं, लेकिन 79 लाइनें अभी भी बच्चों के लिए खतरा बनी हुई हैं।
इस पर डीएम ने संबंधित विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मानसून शुरू होने से पहले शेष सभी हाईटेंशन लाइनों को हटाने का काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
खेलों में नाम रोशन करने वाले बच्चों को मिलेगा सम्मान
बैठक में शिक्षा के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी विद्यालयों की सूची तैयार की जाए, जिनके छात्र-छात्राओं ने ब्लॉक, जिला, मंडल, राज्य या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
प्रशासन अब इन प्रतिभाओं को पहचान देकर उन्हें सम्मानित करने और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनाने की तैयारी में है।
ऑपरेशन कायाकल्प के अधूरे कामों पर भी चली सख्ती
समीक्षा के दौरान पता चला कि कई विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत निर्धारित सुविधाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। इस पर डीएम ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल कागजों में नहीं, बल्कि स्कूलों में सुविधाएं जमीन पर दिखाई देनी चाहिए।
इन सुविधाओं की हुई समीक्षा
बैठक में स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई, जिनमें—
स्वच्छ पेयजल
छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय
फर्नीचर
बिजली व्यवस्था
दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप
खेल सामग्री
पुस्तकालय
विद्यालय परिसर की साफ-सफाई
शामिल रहे।
क्या है इस बैठक का बड़ा संदेश?
यह बैठक सिर्फ एक प्रशासनिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि यह संकेत भी था कि बिजनौर प्रशासन अब सरकारी स्कूलों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर गंभीर मोड में आ चुका है। बरसात से पहले जर्जर भवनों को हटाने और हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट करने का फैसला हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है।
यदि ये निर्देश समय पर धरातल पर उतरते हैं, तो जिले के सरकारी स्कूल न केवल अधिक सुरक्षित होंगे बल्कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल भी मिल सकेगा।
TargetTvLive Analysis
बिजनौर में डीएम जसजीत कौर की यह पहल केवल भवनों और सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। अब सबसे बड़ी चुनौती इन आदेशों को समय पर लागू करने की है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई यह तय करेगी कि स्कूलों से खतरे का साया वास्तव में कितना दूर हो पाता है।
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