वंदे मातरम की गूंज से गूंज उठा कलेक्ट्रेट परिसर, बेटियों की सुर लहरियों में झलकी राष्ट्रभक्ति
ADM वान्या सिंह की अध्यक्षता में हुआ सामूहिक गायन — छात्राओं ने राष्ट्रप्रेम का दिया संदेश, अधिकारियों ने भी दोहराया “भारत माता की जय”
बिजनौर, 07 नवंबर 2025।
शुक्रवार की सुबह कलेक्ट्रेट परिसर का माहौल कुछ अलग ही था। हवा में एक अनोखी ऊर्जा थी, जब राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, बिजनौर की छात्राओं की मधुर आवाज़ों में “वंदे मातरम” की स्वर लहरियां गूंज उठीं।
देशभक्ति से ओतप्रोत इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्रीमती वान्या सिंह ने की, जिन्होंने कहा कि “वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं, यह हर भारतीय के दिल की धड़कन है।”
छात्राओं ने गाया, सभागार में गूंजा भारत माता का जयघोष
पूर्वाह्न 10:30 बजे जैसे ही छात्राओं ने ताल के साथ सुर मिलाए, पूरा सभागार उनके साथ झूम उठा।
वंदे मातरम के हर शब्द ने मानो एक नई चेतना भर दी। छात्राओं की एकजुट आवाज़ ने वहाँ उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के हृदय को छू लिया।
कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगा जैसे पूरा परिसर भारत माता की जय से गूंज उठा हो।
ADM वान्या सिंह ने कहा — “राष्ट्रप्रेम की भावना हर दिल में जिंदा रहनी चाहिए”
कार्यक्रम के उपरांत अपर जिलाधिकारी वान्या सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा—
“जब बेटियाँ वंदे मातरम गाती हैं, तो उसमें मातृभूमि के प्रति आदर और गर्व झलकता है। ऐसी आवाज़ें न केवल प्रेरणा देती हैं बल्कि समाज को एकजुट भी करती हैं।”
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में झलकना चाहिए।
अधिकारियों-कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी वंदे मातरम के सामूहिक गायन में शामिल हुए।
सभी ने खड़े होकर हाथ जोड़े, और एक साथ स्वर मिलाते हुए राष्ट्रगान जैसी गंभीरता से वंदे मातरम का गायन किया।
उनके चेहरों पर गर्व और श्रद्धा दोनों झलक रहे थे।
बेटियों के उत्साह ने बनाया कार्यक्रम को यादगार
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्राएँ पारंपरिक परिधान में आईं — उनके चेहरों पर गर्व, आंखों में चमक और होठों पर राष्ट्रप्रेम झलक रहा था।
हर सुर, हर ताल में एक संदेश था — “हम भारत की बेटियाँ हैं, और हमें अपनी मिट्टी पर नाज़ है।”
कार्यक्रम समाप्त होते ही अधिकारियों ने छात्राओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके साथ सामूहिक तस्वीर भी खिंचवाई।
राष्ट्रीय चेतना का सजीव उदाहरण बना कलेक्ट्रेट
यह कार्यक्रम शासन के निर्देशों के तहत आयोजित तो था, परंतु इसका प्रभाव औपचारिकता से कहीं अधिक गहरा था।
इसने यह साबित कर दिया कि जब शासन, प्रशासन और शिक्षा संस्थान एक साथ मिलकर राष्ट्रगान करते हैं, तो वह केवल आयोजन नहीं — राष्ट्र चेतना का उत्सव बन जाता है।
मुख्य आकर्षण
- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं का सामूहिक वंदे मातरम गायन
- ADM वान्या सिंह की गरिमामयी उपस्थिति और प्रेरक संबोधन
- अधिकारियों-कर्मचारियों की पूर्ण सहभागिता
- देशभक्ति और अनुशासन का जीवंत उदाहरण बना कलेक्ट्रेट परिसर
✍️ रिपोर्ट : अवनीश त्यागी, बिजनौर
(Digital Desk — Target Tv Live)











