“मीठी सुबह” से गूंजी बिजनौर की हवा — बिन्दल्स शुगर मिल चांगीपुर में तीसरे पेराई सत्र 2025–26 का शुभारंभ
सुबह छह बजे गन्ना पेराई शुरू, किसानों के चेहरों पर चमकी उम्मीदों की मुस्कान — फूल-माला और मिठाई से हुआ स्वागत समारोह
रिपोर्ट। अवनीश त्यागी
बिजनौर, 07 नवम्बर 2025 :
गन्ने की खुशबू, मशीनों की गड़गड़ाहट और किसानों की रौनक — यही नजारा आज सुबह बिन्दल्स शुगर मिल, चांगीपुर में देखने को मिला। शुक्रवार की ठंडी सुबह जैसे ही घड़ी ने 6 बजाए, मिल परिसर में गन्ना पेराई सत्र 2025–26 का शुभारंभ हो गया।
तीसरे पेराई सत्र की शुरुआत होते ही वातावरण में “मिठास” घुल गई और गन्ना उत्पादक किसानों में नई ऊर्जा का संचार हो गया।
पहला गन्ना तौलने पहुंचे किसान बने चर्चा का केंद्र
सबसे पहले पेराई के लिए पहुंचे कृषक —
सुखलाल सिंह पुत्र पृथ्वीराज सिंह निवासी गोहावर हल्लू,
अतुल कुमार पुत्र राम सिंह निवासी रहटी जहागीर,
और मुन्नी कमलेश पत्नी/पुत्री राजेन्द्र सिंह निवासी असकरीपुर।
इन किसानों द्वारा सत्र के पहले वाहन का तौल कार्य संपन्न कराया गया, जो वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार शुभ माना जाता है।
चीनी मिल परिसर में मौजूद कर्मचारियों और गन्ना विभाग के अधिकारियों ने इन किसानों का फूल-मालाओं, शॉल ओढ़ाकर और मिठाई खिलाकर उत्साहपूर्ण स्वागत किया।
मिल प्रशासन ने दिया विश्वास का संदेश — “किसान की पसीने की हर बूँद का सम्मान होगा”
शुभारंभ अवसर पर चीनी मिल के उपाध्यक्ष (गन्ना) श्री जितेन्द्र मलिक ने कहा —
“हमारा हर सीजन किसानों की मेहनत से शुरू होता है और उनके हित में ही खत्म होता है। इस वर्ष भी पारदर्शी तौल, समय पर भुगतान और उच्च गुणवत्ता वाली क्रशिंग हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने बताया कि मिल प्रशासन ने गन्ना तौल और भुगतान व्यवस्था को डिजिटल रूप में और मजबूत किया है, ताकि किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े।
गन्ना किसानों में उम्मीद की नई फसल
गोहावर, रहटी जहागीर और असकरीपुर सहित आसपास के कई गाँवों के किसानों में इस शुभारंभ को लेकर उत्सव जैसा माहौल रहा।
गन्ना लदे ट्रैक्टरों की कतारें, खेतों से आती मीठी खुशबू और मशीनों की गड़गड़ाहट ने मिल परिसर को जीवंत बना दिया।
किसानों ने कहा कि “अगर मिल समय पर भुगतान करती रही तो यह सीजन सोने पर सुहागा होगा।”
स्थानीय विश्लेषण: गन्ना मिलें बन रहीं ग्रामीण समृद्धि की धुरी
बिजनौर की अर्थव्यवस्था में शुगर उद्योग का योगदान किसी रीढ़ से कम नहीं।
हर बार जब पेराई सत्र शुरू होता है, तो उसके साथ हजारों परिवारों की रोजी-रोटी चल पड़ती है।
- गन्ना कटाई और लोडिंग में स्थानीय मजदूरों को काम मिलता है।
- ट्रांसपोर्ट, ढुलाई, ट्रैक्टर-ट्रॉली, मिस्त्री, खानपान व छोटे व्यापारियों की दुकानें गुलजार हो उठती हैं।
- गन्ने की मिठास केवल चीनी तक सीमित नहीं रहती, वह गांवों की अर्थव्यवस्था में मिठास घोल देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बार मौसम और मिल संचालन दोनों अनुकूल रहे, तो बिजनौर का यह सीजन उत्तर प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ गन्ना उत्पादक जिलों में अग्रणी स्थान सुनिश्चित करेगा।
समाचार संक्षेप में —
- तारीख: 07 नवम्बर 2025 (शुक्रवार)
- स्थान: बिन्दल्स शुगर मिल, चांगीपुर (बिजनौर)
- समय: सुबह 06:00 बजे
- पहला तौल करने वाले किसान: सुखलाल सिंह, अतुल कुमार, मुन्नी कमलेश
- मुख्य अतिथि: श्री जितेन्द्र मलिक (उपाध्यक्ष, गन्ना)
- विशेष आकर्षण: फूल-माला, शॉल व मिठाई से स्वागत समारोह
- उद्देश्य: गन्ना पेराई सत्र 2025–26 का शुभारंभ, किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता
✍️ रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
*(डिजिटल कृषि संवाद नेटवर्क – “TargetTv Live”)












