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हिंदी प्रचार-प्रसार में बागपत का परचम,नराकास बागपत को गृह मंत्रालय से मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

हिंदी प्रचार-प्रसार में बागपत का परचम,नराकास बागपत को गृह मंत्रालय से मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

 

बागपत, 24 अगस्त 2025।
हिंदी राजभाषा के प्रचार-प्रसार और केंद्र सरकार के कार्यालयों में इसके प्रभावी कार्यान्वयन में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), बागपत ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। समिति को गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग की ओर से वर्ष 2024-25 के लिए “प्रशंसनीय श्रेणी” में पुरस्कृत किया जाएगा।

यह सम्मान 14-15 सितंबर 2025 को गांधीनगर (गुजरात) के महात्मा मंदिर कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाएगा।

 क्यों खास है नराकास बागपत की उपलब्धि?

  • हिंदी सेतु ऐप का नवाचार – हजारों लोगों तक हिंदी संसाधनों की आसान पहुंच।

  • कालिंदी धारा पत्रिका का प्रकाशन – स्थानीय प्रतिभा और हिंदी साहित्य को राष्ट्रीय मंच।

  • नियमित समीक्षा बैठकें – राजभाषा नीति की बाधाओं को सुलझाने का सतत प्रयास।

  • हिंदी कार्यशालाएं व प्रशिक्षण – सरकारी कर्मचारियों में हिंदी प्रयोग को लेकर जागरूकता।

 नेताओं और पदाधिकारियों की प्रतिक्रियाएं

  • अध्यक्ष मिन्हाजुल कमर
    “यह सम्मान बागपत ही नहीं, पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है। यह हमें और अधिक समर्पण से हिंदी प्रचार में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।”
  • सचिव अभय नाथ मिश्र (वरिष्ठ प्रबंधक, केनरा बैंक)
    “यह उपलब्धि सभी सदस्य कार्यालयों के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। समिति आगे भी राजभाषा नीति के अनुरूप पूरी निष्ठा से काम करेगी।”

 “हिंदी सेतु” ऐप: डिजिटल युग की बड़ी छलांग

राज्य युवा पुरस्कार विजेता अमन कुमार द्वारा विकसित यह ऐप हिंदी भाषा से जुड़े सभी आवश्यक संसाधनों को एक जगह उपलब्ध कराता है।

  • सरकारी आदेश व परिपत्र
  • हिंदी लेखन-सामग्री
  • प्रशिक्षण मॉड्यूल
  • प्रतियोगिताएं और अपडेट

➡ इस पहल ने युवाओं और सरकारी कर्मचारियों के बीच हिंदी को तकनीकी मंच पर और सशक्त बनाया है।

 विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

यह सम्मान सिर्फ एक समिति की उपलब्धि नहीं, बल्कि बागपत जैसे छोटे जिले की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का प्रतीक है।

  • यह बताता है कि नवाचार (Innovation) और समर्पण (Commitment) से हिंदी का दायरा वैश्विक स्तर तक बढ़ाया जा सकता है।

  • सरकारी तंत्र में हिंदी का प्रभावी उपयोग देश की भाषायी एकता और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए आवश्यक है।

  • नराकास बागपत का मॉडल अन्य जिलों और राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है।

 हाइलाइटर (Quick Highlights)

  • गृह मंत्रालय का “प्रशंसनीय” पुरस्कार
  • “कालिंदी धारा” पत्रिका को मिली राष्ट्रीय पहचान
  • “हिंदी सेतु” ऐप ने डिजिटल युग में दी हिंदी को नई उड़ान
  •  14-15 सितंबर को गांधीनगर में सम्मान समारोह
  •  बागपत का नाम राष्ट्रीय पटल पर चमका

👉 यह खबर न सिर्फ हिंदी प्रेमियों के लिए, बल्कि उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो चाहते हैं कि हिंदी तकनीक और प्रशासन की मुख्यधारा में मजबूती से स्थापित हो।

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