बिजनौर में हिन्दू संगठन से जुड़े कार्यकर्ता को मिली धमकी, सुरक्षा को लेकर सवाल

बिजनौर: जनपद बिजनौर में हिन्दू संगठन से जुड़े अंशुल राजपूत को इंटरनेशनल नंबर से फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई है। फोन करने वाले ने खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया। पीड़ित ने इस मामले की सूचना प्रशासन को दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर हिंदू संगठनों और सर्व समाज के लोगों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की मांग की।
प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल
अंशुल राजपूत ने डीएम और एसपी को बताया कि यह धमकी उन्हें होली के दिन मिली थी। उन्होंने पिछले सोमवार को प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी थी, लेकिन अब तक सिर्फ जांच जारी है। हालात को देखते हुए उनके गांव में पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा की जरूरत है।
यह मामला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। जब किसी व्यक्ति को इंटरनेशनल नंबर से धमकी मिलती है और उसमें किसी कुख्यात गैंग का नाम जुड़ा होता है, तो इसे गंभीरता से लेने की जरूरत होती है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था प्राथमिकता होनी चाहिए।
सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन
पीड़ित के समर्थन में सोमवार को सर्व समाज और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने अलग-अलग संगठनों के लैटर पैड पर अंशुल को सुरक्षा देने की मांग उठाई। इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समाज के एक वर्ग की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
क्या प्रशासन जागेगा?
अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। क्या धमकी की तह तक जाने के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया जाएगा? क्या अंशुल राजपूत को व्यक्तिगत सुरक्षा मिलेगी? या फिर मामला फाइलों में उलझा रह जाएगा?
बिजनौर में इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की अगली कार्रवाई ही यह तय करेगी कि ऐसे मामलों में लोगों का भरोसा बना रहेगा या नहीं।











