बांदा में बड़ा सड़क हादसा: रोडवेज बस की टक्कर से वृद्ध की मौत, ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल

बांदा, उत्तर प्रदेश। शहर के महाराणा प्रताप चौक पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 70 वर्षीय वृद्ध मनीराम गुप्ता की मौत हो गई। वह जिला अस्पताल से इलाज करवाकर घर लौट रहे थे, तभी एक तेज़ रफ्तार रोडवेज बस ने उन्हें कुचल दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल मनीराम को रिक्शे से जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद चौक पर लंबा जाम लग गया, जिसमें कई वाहन, यहां तक कि स्कूल बसें भी फंसी रहीं। मौके पर ट्रैफिक संभालने के लिए कोई सिपाही मौजूद नहीं था, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि पूरे महाराणा प्रताप चौक की ट्रैफिक व्यवस्था दो होमगार्डों के भरोसे चल रही है, जबकि चौक पर डग्गामार वाहनों और ऑटो का भारी जमावड़ा लगा रहता है।
परिजनों में मचा कोहराम
मृतक मनीराम गुप्ता, कांशीराम कॉलोनी के निवासी थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मनीराम के भतीजे प्रांशू गुप्ता ने भावुक होते हुए प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर ट्रैफिक व्यवस्था सही होती और चौक पर सिग्नल लाइट लगी होती, तो शायद चाचा की जान बच जाती।”
स्थानीय लोगों की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि महाराणा प्रताप चौक पर जल्द से जल्द सिग्नल लाइट लगवाई जाए और ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती की जाए। एक राहगीर ने कहा, “यह चौक हमेशा व्यस्त रहता है, लेकिन यहां ट्रैफिक सिपाही कभी-कभार ही दिखते हैं। हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।”
डॉक्टर की प्रतिक्रिया
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर विनीत सचान ने बताया कि मनीराम गुप्ता को गंभीर चोटें आई थीं, और अस्पताल लाने से पहले ही उनकी हालत नाजुक हो गई थी। डॉक्टर ने कहा, “हमने पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें बचाना संभव नहीं हो सका।”
प्रशासन की चुप्पी
इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। संवाददाता राजेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के समय ट्रैफिक सिपाही गायब थे, जिससे हादसे के बाद स्थिति और बिगड़ गई।
बांदा के नागरिकों ने अब प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट: राजेंद्र कुमार मिश्रा, बांदा
बांदा, उत्तर प्रदेश — शहर के महाराणा प्रताप चौक पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 70 वर्षीय वृद्ध मनीराम गुप्ता की मौत हो गई। वह जिला अस्पताल से इलाज करवाकर घर लौट रहे थे, तभी एक तेज़ रफ्तार रोडवेज बस ने उन्हें कुचल दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल मनीराम को रिक्शे से जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद चौक पर लंबा जाम लग गया, जिसमें कई वाहन, यहां तक कि स्कूल बसें भी फंसी रहीं। मौके पर ट्रैफिक संभालने के लिए कोई सिपाही मौजूद नहीं था, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि पूरे महाराणा प्रताप चौक की ट्रैफिक व्यवस्था दो होमगार्डों के भरोसे चल रही है, जबकि चौक पर डग्गामार वाहनों और ऑटो का भारी जमावड़ा लगा रहता है।
परिजनों में मचा कोहराम
मृतक मनीराम गुप्ता, कांशीराम कॉलोनी के निवासी थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मनीराम के भतीजे प्रांशू गुप्ता ने भावुक होते हुए प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर ट्रैफिक व्यवस्था सही होती और चौक पर सिग्नल लाइट लगी होती, तो शायद चाचा की जान बच जाती।”
स्थानीय लोगों की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि महाराणा प्रताप चौक पर जल्द से जल्द सिग्नल लाइट लगवाई जाए और ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती की जाए। एक राहगीर ने कहा, “यह चौक हमेशा व्यस्त रहता है, लेकिन यहां ट्रैफिक सिपाही कभी-कभार ही दिखते हैं। हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।”
डॉक्टर की प्रतिक्रिया
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर विनीत सचान ने बताया कि मनीराम गुप्ता को गंभीर चोटें आई थीं, और अस्पताल लाने से पहले ही उनकी हालत नाजुक हो गई थी। डॉक्टर ने कहा, “हमने पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें बचाना संभव नहीं हो सका।”
प्रशासन की चुप्पी
इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। संवाददाता राजेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के समय ट्रैफिक सिपाही गायब थे, जिससे हादसे के बाद स्थिति और बिगड़ गई।
बांदा के नागरिकों ने अब प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट: राजेंद्र कुमार मिश्रा, बांदा











