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गन्ना क्रय केंद्र पर अनियमितता: निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा

गन्ना क्रय केंद्र पर अनियमितता: निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा

BIJNOR. उत्तम शुगर मिल, बरकातपुर से जुड़े गन्ना क्रय केंद्र मोहनपुर अ’ में गन्ना तौल प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। गन्ना विभाग के निरीक्षण में यह खुलासा हुआ कि तौल प्रक्रिया में किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जब निरीक्षण टीम मौके पर पहुंची, तो पाया गया कि किसानों का गन्ना सही तरीके से नहीं तोला जा रहा था। कृषक अजय कुमार सिंह (ग्राम करौली) ने आरोप लगाया कि उनका गन्ना क्रय केंद्र में कम तौला गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

गन्ने के तौल में भारी गड़बड़ी

निरीक्षण के दौरान गन्ने से भरी ट्रॉली का वजन पहले 29.70 कुंटल दर्ज किया गया। लेकिन जब ट्रॉली पर 05 कुंटल का वज़न रखा गया, तो तौल मशीन ने 34.70 कुंटल का वजन दिखाया, जो साफ संकेत करता है कि तौल मशीन में छेड़छाड़ की गई थी।

कृषक ने संदेह होने पर अपने गन्ने को थोड़ा गिराकर दोबारा तौल कराया, जिससे वजन घटकर 16 कुंटल हो गया। यह अंतर बताता है कि गन्ना तौल प्रक्रिया में गड़बड़ी थी। एक अन्य ट्रॉली, जिसका वजन 16 कुंटल दिखाया जा रहा था, जब उस पर 5 कुंटल का अतिरिक्त भार रखा गया, तो वजन केवल 20.60 कुंटल दर्ज हुआ। यह दर्शाता है कि तौल प्रणाली में हेरफेर किया गया था।

तौल लिपिक फरार

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब निरीक्षण दल ने मौके पर जांच की, तो तौल लिपिक फरार हो गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि तौल प्रक्रिया में अनियमितता थी और जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी गलती का अहसास था।

बैलेंस मशीन में छेड़छाड़ की आशंका

निरीक्षण टीम ने बैलेंस मशीन का अवलोकन किया, जिसमें यह पाया गया कि दिनांक 19 फरवरी 2025 को सुबह 10:09 बजे बैलेंस शून्य दर्ज किया गया था। यह संभव है कि मशीन को जानबूझकर सेट किया गया हो, जिससे किसानों को कम भुगतान मिले।

किसानों के हितों पर चोट

गन्ना किसानों के लिए यह अनियमितता एक बड़ी समस्या है। वे अपनी मेहनत से गन्ना उगाते हैं, लेकिन यदि तौल में हेरफेर की जाती है, तो उनका सीधा आर्थिक शोषण होता है। यह मामला केवल एक कृषक तक सीमित नहीं है, बल्कि संभवतः अन्य किसानों के साथ भी ऐसा हो सकता है

इस संबंध में सहायक उपायुक्त चीनी ने बताया कि इस मामले में तौल क्लर्क की सिक्योरटी जबप्त कर, उसका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। गन्ना किसान को क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी।

क्या होगी कार्रवाई?

इस मामले के सामने आने के बाद अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। किसानों की मांग है कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में तौल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह मुद्दा और गंभीर हो सकता है।

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