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डिजिटल कृषि मिशन: युवाओं की सक्रिय भागीदारी से किसानों को मिलेगा तकनीकी संबल

डिजिटल कृषि मिशन: युवाओं की सक्रिय भागीदारी से किसानों को मिलेगा तकनीकी संबल

बड़ौत : जनता वैदिक कॉलेज, बड़ौत में नेहरू युवा केंद्र (माय भारत) बागपत के तत्वावधान में डिजिटल कृषि मिशन पर आयोजित जागरूकता संगोष्ठी ने ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी क्रांति की नींव रखी। यह कार्यक्रम न केवल किसानों के डिजिटलीकरण पर केंद्रित था, बल्कि युवाओं को इस प्रक्रिया में सहभागी बनाकर गांव-गांव तक तकनीकी ज्ञान पहुंचाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ अभियान के माध्यम से किसानों को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना था, ताकि वे सरकारी योजनाओं और तकनीकी लाभों का सरलता से लाभ उठा सकें। ‘फॉर्मर सहायक यूपी’ एप के माध्यम से युवा स्वयंसेवकों को अपने क्षेत्र के किसानों की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया।

तकनीकी युग में किसानों की सशक्तिकरण की पहल
जनता वैदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में डिजिटल युग में तकनीकी के सही उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “डिजिटल कृषि मिशन के तहत युवाओं की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे ही किसानों तक इस बदलाव को पहुंचा सकते हैं।” उनका यह संदेश स्पष्ट करता है कि युवाओं की ऊर्जा और तकनीकी समझ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हो सकती है।

नेहरू युवा केंद्र (माय भारत) बागपत के उप निदेशक अरुण कुमार तिवारी ने ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ अभियान के महत्व को समझाते हुए बताया कि ‘माय भारत’ पोर्टल पर 15 दिवसीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल से युवाओं को डिजिटल कौशल प्राप्त होगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

प्रायोगिक शिक्षण और लाइव डेमो से मिली सरलता
कार्यक्रम में तकनीकी विशेषज्ञ अमन कुमार द्वारा ‘माय भारत’ पोर्टल पर पंजीकरण की लाइव डेमो प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित युवाओं को पंजीकरण प्रक्रिया को आसानी से समझने में मदद की। इस प्रकार के प्रायोगिक शिक्षण से न केवल ज्ञान प्राप्त होता है, बल्कि आत्मनिर्भरता भी विकसित होती है।

युवाओं का संकल्प: गांव-गांव तक पहुंचाएंगे तकनीकी ज्ञान
संगोष्ठी में शामिल युवाओं ने अपने-अपने गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया, ताकि डिजिटल कृषि मिशन को सफल बनाया जा सके। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा और अवसर प्रदान किए जाएं तो युवा किसी भी सामाजिक और तकनीकी बदलाव का वाहक बन सकते हैं।

कार्यक्रम के आयोजन में सामूहिक सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अनुपम तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि संयम सिंह, अभिषेक और अन्य सदस्यों का भी विशेष योगदान रहा। यह आयोजन सामूहिक प्रयास और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

विश्लेषण:

डिजिटल कृषि मिशन की यह पहल एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जहां तकनीकी नवाचारों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का प्रयास हो रहा है। ‘फॉर्मर सहायक यूपी’ एप और ‘माय भारत’ पोर्टल जैसे डिजिटल साधनों का उपयोग किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

युवाओं को इस अभियान में जोड़ने से एक दीर्घकालिक प्रभाव देखने को मिलेगा। जहां एक ओर उन्हें रोजगार और डिजिटल कौशल का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर किसान तकनीकी रूप से सशक्त बनेंगे।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम डिजिटल इंडिया की उस परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां तकनीकी का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और विशेष रूप से किसान, जो हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, वे इस तकनीकी युग में पीछे न छूटें।

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