कृषि विभाग लिपिक संवर्ग की मांगों को लेकर कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन

बिजनौर। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के लिपिक संवर्ग कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आज भोजनावकाश के दौरान विरोध सभा का आयोजन किया। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी “कृषि विभाग लिपिक संवर्ग मांग दिवस” के अंतर्गत हुआ, जिसमें राज्यभर के लिपिक संवर्ग कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
बिजनौर जिले में भी कृषि विभाग के सभी लिपिक संवर्ग कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया और सरकार से शीघ्र समाधान की अपील की। इस दौरान कर्मचारियों ने कृषि मंत्री, प्रमुख सचिव (कृषि) एवं कृषि निदेशक को ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगे:
- पुनर्गठन एवं पदोन्नति – कृषि विभाग लिपिक संवर्ग के पुनर्गठन के लिए शासन को भेजे गए प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही, कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक एवं वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक के लंबित पदोन्नतियों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई।
- मृतक आश्रितों की नियुक्ति – मृतक आश्रितों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाकर जनपद स्तर पर नियुक्तियों को पुनः बहाल करने की अपील की गई।
- कार्यालयों की स्थिति सुधारने की मांग – कई कार्यालयों की जीर्ण-शीर्ण स्थिति को देखते हुए उनकी मरम्मत कराने और नई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
- ई-ऑफिस प्रणाली के लिए प्रशिक्षण एवं संसाधन – कर्मचारियों को ई-ऑफिस, स्थापना और मानव संपदा पोर्टल के सुचारू संचालन हेतु मण्डलवार प्रशिक्षण दिए जाने तथा कंप्यूटर व अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई।
- नए जिलों में पद सृजन – नवगठित जनपद हापुड़, कासगंज और शामली में अन्य जिलों की तरह नए पदों का सृजन कराने की मांग की गई।
- कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति सुनिश्चित करना – विभागीय योजनाओं के संचालन में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती के बावजूद लिपिक संवर्ग कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है। इसे बंद करने और कम्प्यूटर ऑपरेटरों को ही उनके कार्य सौंपने की मांग उठाई गई।
- आवास एवं सुरक्षा व्यवस्था – कार्यालय परिसरों में स्थित पुराने आवासों की मरम्मत और चौकीदारों की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई।
इस विरोध सभा का नेतृत्व जनपद अध्यक्ष नीरज कुमार और जनपद मंत्री तेजवीर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की इन जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारों के साथ संपन्न हुई इस सभा में बड़ी संख्या में कृषि विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे भविष्य में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।











