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बिजनौर में डीएम का हेल्थ अलर्ट—हर स्कूल में लगेगा HPV टीका कैंप, बेटियों के लिए बड़ा सुरक्षा अभियान”
अवनीश त्यागी की रिपोर्ट | 9-14 साल की बालिकाएं होंगी फोकस में, स्कूल-स्वास्थ्य विभाग मिलकर चलाएंगे मिशन ‘कैंसर से बचाव’
बिजनौर | TargetTvLive | अवनीश त्यागी
बिजनौर में अब स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा का भी मजबूत आधार बनने जा रहे हैं। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने एचपीवी (HPV) टीकाकरण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिले के सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हाई-लेवल समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ संदेश दिया—
👉 “लापरवाही नहीं चलेगी, हर बेटी तक टीका पहुंचे।”
HPV क्या है और क्यों बना बड़ा मुद्दा?
Human Papillomavirus (HPV) एक ऐसा वायरस है जो आगे चलकर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि—
- ✔️ कम उम्र में टीकाकरण सबसे ज्यादा प्रभावी होता है
- ✔️ समय पर टीका, भविष्य के बड़े खतरे को टाल सकता है
- ✔️ यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित है
👉 यही वजह है कि प्रशासन ने इसे “स्कूल मिशन मोड” में लागू करने का फैसला लिया है।
अब स्कूलों में क्या होगा? (ग्राउंड एक्शन प्लान)
TargetTvLive को मिली जानकारी के अनुसार, सभी स्कूलों को ये सख्त निर्देश दिए गए हैं—
- ✔️ हर स्कूल में HPV टीकाकरण कैंप आयोजित करना अनिवार्य
- ✔️ PHC/CHC से समन्वय कर स्वास्थ्य टीम बुलाना
- ✔️ टीकाकरण के दौरान प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी
- ✔️ वैक्सीनेशन के बाद बच्चों की निगरानी
- ✔️ अभिभावकों के लिए जागरूकता मीटिंग
👉 यानी अब स्कूलों में “क्लासरूम + हेल्थरूम” दोनों एक्टिव रहेंगे।
शिक्षा व्यवस्था पर भी डीएम का डबल एक्शन
सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, शिक्षा व्यवस्था में भी खामियों पर डीएम ने कड़ा रुख दिखाया—
पाठ्यक्रम को लेकर सख्ती
- अभिभावकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया
- सभी बच्चों को जल्द से जल्द पूरा कोर्स उपलब्ध कराने के निर्देश
- अभिभावकों के साथ मीटिंग कर जवाबदेही तय करने के आदेश
जाम से निपटने का प्लान
- छोटे और बड़े बच्चों के लिए अलग-अलग टाइमिंग
- स्कूल टाइमिंग मैनेजमेंट से शहर के ट्रैफिक पर नियंत्रण
बेसिक सुविधाओं पर ‘नो कम्प्रोमाइज’ पॉलिसी
डीएम जसजीत कौर ने साफ कर दिया—
- हर स्कूल में शुद्ध पेयजल और साफ टंकियां
- बालक-बालिकाओं के लिए अलग और स्वच्छ शौचालय
- छोटे बच्चों के लिए चाइल्ड-फ्रेंडली वॉशरूम
- लाइब्रेरी और नियमित लाइब्रेरी पीरियड अनिवार्य
👉 संकेत साफ है—“अब सिर्फ पढ़ाई नहीं, क्वालिटी एजुकेशन”
TargetTvLive Analysis: क्यों अहम है यह फैसला?
- ✔️ स्कूल-आधारित टीकाकरण से कवरेज तेजी से बढ़ेगा
- ✔️ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता पहुंचेगी
- ✔️ भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी आ सकती है
- ✔️ शिक्षा और स्वास्थ्य—दोनों सेक्टर में सुधार
👉 अगर यह मॉडल सफल हुआ, तो बिजनौर पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकता है।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
इस दौरान अपर जिलाधिकारी अंशिका दीक्षित, सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. के.पी. सिंह, डीआईओएस जयकरण यादव, बीएसए सचिन कसाना सहित स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के अधिकारी और जिलेभर के स्कूलों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
Bottom Line (TargetTvLive निष्कर्ष)
बिजनौर में शुरू हुआ यह अभियान सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि “बेटियों के सुरक्षित भविष्य की नींव” है।
अब नजर रहेगी—जमीन पर इसकी असली हकीकत क्या होती है।
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