सील तोड़ी, मशीन चलाई और फंस गए! बिजनौर में अवैध आरा मिल पर बड़ा शिकंजा, पूरा परिवार नामजद
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
📍 बिजनौर: कानून को चुनौती देने वालों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़े मामले में निर्णायक कार्रवाई की है। वन विभाग द्वारा सील की गई आरा मशीन को तोड़कर दोबारा संचालित करने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कई लोगों को नामजद किया है।
यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि अब शासनादेशों की अनदेखी करने वालों के लिए कोई राहत नहीं है।
सील तोड़कर चालू की गई आरा मशीन, जांच में खुलासा
प्रशासन को मिली सूचना के आधार पर जब जांच कराई गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
- जानी चौराहा क्षेत्र स्थित आरा मशीन पहले से वन विभाग द्वारा सील थी
- आरोपियों ने जानबूझकर सील को तोड़कर मशीन को फिर से चालू कर दिया
- मशीन का नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था
- सक्षम प्राधिकारी के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम अनदेखी की गई
यह पूरा मामला प्रशासनिक आदेशों की सीधी अवहेलना का उदाहरण बन गया।
आरोपी कौन? पूरा परिवार घेरे में
इस मामले में आरा मशीन स्वामी हुमा तालिब समेत उनके परिवार के कई सदस्यों को आरोपी बनाया गया है:
- मो० खालिद
- मो० आबिद
- मो० तालिब
प्रशासन ने सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कानूनी शिकंजा: इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की:
- एफआईआर संख्या 0265 (04 अप्रैल 2026) थाना कोतवाली शहर, बिजनौर
- भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराएं:
- 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना)
- 329(4)
- 346
- उत्तर प्रदेश आरामिल स्थापना विनियमन (षष्ठम संशोधन)-2018 के नियम 5/8 के तहत कार्रवाई
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
वन विभाग पर भी उठे सवाल, शासन को रिपोर्ट
इस मामले में सिर्फ आरोपी ही नहीं, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
- सील की गई मशीन दोबारा कैसे चालू हुई?
- क्या निगरानी में चूक हुई या मिलीभगत?
इन पहलुओं को देखते हुए प्रशासन ने शासन को भी विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है।
विश्लेषण: सिस्टम की कमजोरी या साजिश?
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है:
👉 क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र कमजोर है?
👉 क्या अवैध कारोबार को संरक्षण मिल रहा है?
👉 क्या यह सिर्फ लापरवाही है या सुनियोजित खेल?
अगर इन सवालों के जवाब नहीं मिले, तो ऐसे मामलों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
DM का सख्त संदेश: Zero Tolerance Policy लागू
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि:
“जनपद में अवैध गतिविधियों और शासनादेशों की अवहेलना के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति लागू है।”
यानी अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम तोड़ने पर सीधा एक्शन तय है।
TargetTvLive निष्कर्ष
बिजनौर का यह मामला सिर्फ एक आरा मशीन का नहीं, बल्कि कानून के प्रति लापरवाही और सिस्टम की परीक्षा का मुद्दा बन गया है।
प्रशासन का यह एक्शन आने वाले समय में अवैध कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश साबित होगा।
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