ग्राम प्रधानों को मिला बड़ा अधिकार! बिजनौर में सम्मान समारोह, योगी सरकार के फैसले पर जताया आभार
बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाए जाने के निर्णय के बाद बिजनौर में ग्राम प्रधानों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, बिजनौर के तत्वावधान में विकास भवन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद भर के ग्राम प्रधानों ने भाग लेकर सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पंडित ललित शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ राष्ट्रीय महासचिव गणेश ठाकुर एडवोकेट, प्रदेश सचिव डॉ. महाराज सिंह तथा जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष सोमदेव सिंह और विभिन्न ब्लॉक अध्यक्षों ने अतिथियों का माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
ग्राम प्रधानों के लिए ऐतिहासिक फैसला: ललित शर्मा
मुख्य अतिथि पंडित ललित शर्मा ने कहा कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का निर्णय पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से इस मांग को उठा रहा था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने इसे स्वीकार कर ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का कार्य किया है।
उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे प्रशासक के रूप में अपनी नई जिम्मेदारियों का ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करें तथा ग्राम पंचायतों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
छह माह के संघर्ष का मिला परिणाम
राष्ट्रीय महासचिव गणेश ठाकुर एडवोकेट ने कहा कि ग्राम प्रधानों को यह अधिकार एक दिन में नहीं मिला। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों ने पिछले छह महीनों से लगातार शासन स्तर पर संवाद और प्रयास किए। उन्होंने कहा कि संगठन की एकजुटता और निरंतर संघर्ष का ही परिणाम है कि सरकार ने ग्राम प्रधानों की मांग को स्वीकार किया।
डीपीआरओ ने दिया समस्याओं के समाधान का भरोसा
जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने ग्राम प्रधानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पंचायतों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उनका कार्यालय सदैव खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान पंचायत रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखें और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें। आने वाला समय ग्राम प्रधानों की कार्यशैली और प्रशासनिक क्षमता की परीक्षा का समय भी होगा।
संगठन की मजबूती पर दिया गया जोर
नजीबाबाद ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने ग्राम प्रधानों की एकता को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि यदि संगठन मजबूत होगा तो ग्राम प्रधानों के हितों की लड़ाई और प्रभावी ढंग से लड़ी जा सकेगी। कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी संगठन के प्रति समर्पण और पंचायत स्तर पर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया।
नए पदाधिकारियों की घोषणा
समारोह के दौरान स्वाहेड़ी निवासी धीरेंद्र सिंह को मंडल उपाध्यक्ष तथा नया गांव के ग्राम प्रधान संजय सिंह को मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस घोषणा का उपस्थित ग्राम प्रधानों ने तालियों से स्वागत किया।
राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत भी महत्वपूर्ण
विश्लेषकों का मानना है कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं बिजनौर में आयोजित यह समारोह केवल सम्मान कार्यक्रम नहीं बल्कि ग्राम प्रधानों की एकजुटता और संगठन की शक्ति प्रदर्शन का भी मंच बनकर उभरा।
बैठक में उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि वे पंचायतों के विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगे।
TargetTvLive Analysis
ग्रामीण राजनीति और पंचायत प्रशासन की दृष्टि से यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही ग्राम प्रधानों की जवाबदेही और जिम्मेदारी भी पहले से अधिक बढ़ गई है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह निर्णय ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को किस हद तक गति प्रदान कर पाता है।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
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