Law Students Alert
पुराने प्रश्नपत्र से हुई परीक्षा रद्द, अब 27 फरवरी को होगी दोबारा परीक्षा — विश्वविद्यालय का बड़ा आदेश
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मुरादाबाद स्थित Guru Jambheshwar University, Moradabad ने एलएलबी छात्रों के हित में बड़ा और अहम फैसला लेते हुए Law of Torts (पेपर कोड–12705) की परीक्षा को निरस्त कर दिया है। यह फैसला तब लिया गया जब बिजनौर जिले के एक परीक्षा केंद्र पर गलती से पुराने प्रश्नपत्र से परीक्षा करा दी गई।
विश्वविद्यालय के इस आदेश से सैकड़ों छात्रों को राहत मिली है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
❗ क्या है पूरा मामला
विश्वविद्यालय द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार:
- 23 फरवरी 2026 को दोपहर 02:00 बजे से 05:00 बजे तक Law of Torts की परीक्षा आयोजित की गई थी।
- लेकिन केंद्र कोड 711 — रंजीत सिंह मेमोरियल (पीजी) कॉलेज, धामपुर, बिजनौर में त्रुटिवश पुराने प्रश्नपत्र से परीक्षा करा दी गई।
- यह परीक्षा एलएलबी पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए आयोजित थी।
इस गंभीर त्रुटि को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।
छात्रों के हित में विश्वविद्यालय का बड़ा निर्णय
माननीय कुलपति के आदेश के बाद विश्वविद्यालय ने:
- 23 फरवरी को हुई परीक्षा को पूरी तरह निरस्त कर दिया
- नई परीक्षा तिथि: 27 फरवरी 2026
- समय: दोपहर 02:00 बजे से 05:00 बजे
- परीक्षा केंद्र वही रहेगा: रंजीत सिंह मेमोरियल (पीजी) कॉलेज, धामपुर
👉 सबसे महत्वपूर्ण बात:
पहले जारी किए गए एडमिट कार्ड ही मान्य होंगे, नए एडमिट कार्ड जारी नहीं होंगे।
इन कॉलेजों के 437 छात्र होंगे शामिल
इस केंद्र से जुड़े निम्न लॉ कॉलेजों के कुल 437 छात्र पुनः परीक्षा देंगे:
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अफजलगढ़ लॉ कॉलेज – 54 छात्र
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धामपुर लॉ कॉलेज – 94 छात्र
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जेके मॉडर्न लॉ कॉलेज – 70 छात्र
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लक्ष्य कॉलेज ऑफ लॉ – 113 छात्र
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लोकमणि लॉ स्कूल – 106 छात्र
विश्वविद्यालय ने दिए सख्त निर्देश
विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित कॉलेजों और परीक्षा केंद्र को निर्देश दिया है कि:
- परीक्षा की सभी तैयारियां समय से पूरी करें
- छात्रों को समय पर सूचना दें
- परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से संपन्न कराएं
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
यह निर्णय इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि:
- ✔ छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया गया
- ✔ परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बरकरार रखी गई
- ✔ प्रशासनिक गलती को स्वीकार कर तुरंत सुधार किया गया
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला छात्रहित में एक सकारात्मक और जिम्मेदार कदम है।
छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
- अपने पुराने एडमिट कार्ड संभाल कर रखें
- परीक्षा केंद्र और समय की पुष्टि कर लें
- परीक्षा से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें
छात्रों के हित में सख्त लेकिन सही फैसला
पुराने प्रश्नपत्र से परीक्षा होना एक गंभीर प्रशासनिक चूक थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने समय रहते परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित करने का निर्णय लेकर छात्रों के साथ न्याय किया है।
अब सभी छात्रों की नजर 27 फरवरी की पुनः परीक्षा पर टिकी है।










