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बिजनौर में किसान दिवस पर बड़ी पहल: गन्ने के साथ उर्द–मूंग की सहफसली खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को मिलेगा निःशुल्क बीज

बिजनौर में किसान दिवस पर बड़ी पहल: गन्ने के साथ उर्द–मूंग की सहफसली खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को मिलेगा निःशुल्क बीज

रिपोर्ट अवनीश त्यागी

बिजनौर, 21 जनवरी 2026।
जनपद बिजनौर में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम के दौरान राज्य सहायतित निःशुल्क दलहन बीज मिनीकिट वितरण, प्रदर्शन एवं प्रसार कार्यक्रम (जायद 2026) को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम में गन्ना विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग एवं पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

गन्ने के साथ सहफसली खेती को मिलेगा प्रोत्साहन

बैठक में अवगत कराया गया कि जायद 2026 में गन्ने के साथ उर्द अथवा मूंग की सहफसली खेती करने वाले इच्छुक कृषकों को कृषि विभाग द्वारा निःशुल्क बीज उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और दलहन उत्पादन को भी बढ़ावा देगी।

31 जनवरी तक करें आवेदन, ऑनलाइन लॉटरी से होगा चयन

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि दर्शन-2 पोर्टल पर 31 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग/आवेदन करना अनिवार्य है।
प्राप्त आवेदनों के आधार पर ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किसानों का चयन किया जाएगा।

चयनित किसानों को विकास खंड स्तर पर स्थित राजकीय कृषि बीज भंडारों से निःशुल्क बीज वितरित किया जाएगा।

एक किसान को कितना बीज मिलेगा?

  • अधिकतम क्षेत्रफल: 1 हेक्टेयर
  • निःशुल्क बीज की मात्रा:
    • 20 किलोग्राम उर्द या
    • 20 किलोग्राम मूंग

प्रचार-प्रसार के निर्देश, किसानों को मिलेगा पूरा सहयोग

किसान दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें और आवेदन प्रक्रिया में किसानों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग प्रदान करें, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो सकें।

कृषि विभाग की अपील

जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने जनपद के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि जो किसान गन्ने के साथ सहफसली खेती करना चाहते हैं, वे समय रहते 31 जनवरी 2026 तक आवेदन कर योजना का लाभ अवश्य उठाएं

क्यों खास है यह योजना?

  • किसानों की आय में वृद्धि
  • गन्ने के साथ अतिरिक्त फसल से जोखिम में कमी
  • दलहन उत्पादन से मिट्टी की उर्वरता में सुधार
  • सरकार की निःशुल्क सहायता

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