‘अन्वेषण’ से नई उड़ान: मुरादाबाद में पीएचडी शोध की मजबूत नींव, समाजोन्मुख रिसर्च पर जोर

TargetTvLive | अवनीश त्यागी
📍 मुरादाबाद | 20 अप्रैल 2026
मुरादाबाद के शैक्षणिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल के रूप में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद ने अपने प्रथम पीएचडी बैच (सत्र 2025–26) के लिए ‘अन्वेषण’ डॉक्टोरल इंडक्शन प्रोग्राम का भव्य आयोजन किया। पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल शोधार्थियों को शोध की दिशा और उद्देश्य से अवगत कराया, बल्कि विश्वविद्यालय की भावी शोध संस्कृति की ठोस नींव भी स्थापित की।
इस अवसर पर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, मानविकी, वाणिज्य और ललित कला जैसे विविध विषयों के शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अकादमिक सफर की एक नई शुरुआत की।
“शोधार्थी नहीं, शोध परंपरा के निर्माता हैं आप” — कुलपति
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का यह पहला पीएचडी बैच अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यही समूह संस्थान की शोध परंपरा की नींव रखेगा।
उन्होंने कहा कि—
- शोध का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान का सृजन करना है
- शोध को समाजोन्मुख और व्यावहारिक बनाना आवश्यक है
- रिसर्च एथिक्स (शोधनैतिकता) सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शैक्षणिक ईमानदारी से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
👉 कुलपति ने विशेष रूप से मुरादाबाद एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्थानीय समस्याओं पर शोध करने का आह्वान किया, जिनमें—
- पीतल उद्योग की चुनौतियाँ
- गिरता भूजल स्तर
- कृषि से जुड़ी समस्याएं
- सामाजिक मुद्दे
शामिल हैं।
“समाज के लिए उपयोगी हो शोध”—मुख्य विकास अधिकारी
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, मुरादाबाद ने भी शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शोध कार्य तभी सार्थक है, जब वह समाज के लिए उपयोगी और प्रासंगिक हो।
उन्होंने विद्यार्थियों को शोध के क्षेत्र में कदम रखने पर बधाई देते हुए कहा कि—
“रिसर्च केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है।”
संवादात्मक सत्र बना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र, जिसमें शोधार्थियों ने सीधे कुलपति से संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस संवाद ने यह स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय ओपन और पारदर्शी अकादमिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां विद्यार्थियों की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाती है।
सजीव संचालन और प्रभावी आयोजन
- कार्यक्रम का संचालन डॉ. वैशाली पुनिया ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया
- कुलसचिव श्री गिरीश कुमार द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया
- विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, डीन, प्राचार्य एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे
- कार्यक्रम का प्रायोजन भारतीय स्टेट बैंक द्वारा किया गया
विश्लेषण: क्यों खास है ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम?
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक रणनीति का संकेत देता है—
पहले बैच से ही गुणवत्ता पर फोकस
शुरुआत से ही रिसर्च की दिशा और मानक तय करना संस्थान की गंभीरता को दर्शाता है।
स्थानीय समस्याओं पर रिसर्च का जोर
यह दृष्टिकोण न केवल क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डालेगा।
रिसर्च एथिक्स पर सख्त रुख
ईमानदारी और पारदर्शिता पर जोर, भविष्य में विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा।
मुरादाबाद बन सकता है रिसर्च का नया केंद्र
‘अन्वेषण’ डॉक्टोरल इंडक्शन प्रोग्राम ने यह संकेत दे दिया है कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय आने वाले समय में मुरादाबाद को उच्च स्तरीय शोध और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है।
यदि इसी प्रकार शोध को प्रोत्साहन और संसाधन मिलते रहे, तो मुरादाबाद जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख रिसर्च हब के रूप में उभर सकता है।
#TargetTvLive #AvnishTyagi #MuradabadNews #PhDInduction #ResearchIndia #HigherEducation #UPNews #AcademicExcellence #ResearchEthics #Innovation












