बिजनौर में पेंशनर्स का बड़ा प्रदर्शन: 8वें वेतन आयोग में शामिल करने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज

✍️ अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर | 21 अप्रैल 2026
प्रांतीय आवाहन पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, जनपद शाखा बिजनौर के बैनर तले मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह धरना सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में पेंशनर्स और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए।
धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शिवध्यान सिंह ने की, जबकि संचालन देशराज सिंह (जिला संरक्षक, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद) और योगेश्वर (जिला मंत्री, पेंशनर्स एसोसिएशन) ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी बिजनौर को सौंपा गया।
क्या हैं पेंशनर्स की मुख्य मांगें?
धरने में उठाई गई प्रमुख मांगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए—
- ✔️ 8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स को शामिल किया जाए
- ✔️ वित्त विधेयक 2025 में तिथि आधारित भेदभाव खत्म हो
- ✔️ पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल की जाए
- ✔️ महंगाई भत्ता (DA) 50% पार होने पर मूल पेंशन में मर्ज हो
- ✔️ 65 वर्ष के बाद हर 5 साल में 5% पेंशन वृद्धि
- ✔️ पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाए
- ✔️ रेल किराए में 50% छूट बहाल हो
- ✔️ कोरोना काल के 18 माह के DA एरियर का भुगतान
- ✔️ आयुष्मान योजना की सीमा 10 लाख तक बढ़े
- ✔️ पेंशन कटौती (राशिकरण) 10 वर्ष बाद समाप्त हो
नेताओं के तीखे बयान: “पेंशन हक है, दया नहीं”
धरने को संबोधित करते हुए शिवध्यान सिंह ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 और 8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स को शामिल न करना सरकार की बड़ी चूक है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
दिग्विजय सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) ने मांग की कि तिथि आधारित भेदभाव खत्म कर पुराने पेंशनर्स को भी समान लाभ मिले।
वहीं योगेश्वर (जिला मंत्री) ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि “पेंशन कोई दया नहीं, बल्कि सेवा का लंबित वेतन है”, इसलिए OPS बहाली जरूरी है।
शशिकांत मिश्रा ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त पेंशन लाभ और टैक्स छूट की वकालत की, जबकि देशराज सिंह ने रेल छूट और DA एरियर भुगतान पर जोर दिया।
संगठन ने शुरू की सामूहिक याचिका मुहिम
धरने में बलवीर सिंह (जिला संरक्षक) ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री को भेजी जाने वाली सामूहिक याचिका पर हस्ताक्षर कर जल्द जमा करें, ताकि मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिल सके।
कई संगठनों और नेताओं का मिला समर्थन
इस प्रदर्शन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों और नेताओं का समर्थन मिला।
धरने में सुरेंद्र सिंह मलिक, गिरिराज सिंह, टिकेश चौधरी, जयप्रकाश पाल, क्रांति कुमार शर्मा सहित दर्जनों पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लेकर अपने विचार रखे।
विश्लेषण: क्या सरकार पर बढ़ेगा दबाव?
बिजनौर का यह धरना केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के पेंशनर्स की बढ़ती नाराजगी का संकेत है।
- 8वें वेतन आयोग से बाहर रखा जाना
- OPS बहाली की मांग
- और आर्थिक राहत से जुड़े मुद्दे
इन सबने पेंशनर्स को एकजुट कर दिया है। यदि यह आंदोलन प्रदेशभर में तेज हुआ, तो सरकार के लिए इसे नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
बिजनौर का यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि पेंशनर्स अब अपने अधिकारों के लिए संगठित और मुखर हो चुके हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और नीतिगत बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।
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