रिसर्च को बढ़ावा देने की पहल: विवेक विश्वविद्यालय देगा 2.80 करोड़ की फेलोशिप

BIJNOR. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, विवेक विश्वविद्यालय, बिजनौर ने पीएच.डी. करने वाले शोधार्थियों को कुल 2.80 करोड़ रुपये की रिसर्च फेलोशिप प्रदान करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्यपरिषद की संयुक्त बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसमें प्रत्येक चयनित शोधार्थी को 20,000 रुपये प्रतिमाह की फेलोशिप देने का निर्णय लिया गया।
बिजनौर को रिसर्च हब बनाने की योजना
विश्वविद्यालय के चांसलर अमित गोयल ने इस फैसले को बिजनौर को शोध क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बिजनौर को रिसर्च और नवाचार का केंद्र बनाना है। इस फेलोशिप के माध्यम से हम योग्य और प्रतिभाशाली शोधार्थियों को प्रोत्साहित करेंगे, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य कर सकें।”
पीएच.डी. में प्रवेश प्रक्रिया और चयन मानदंड
पीएच.डी. में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। विवि के वाइस चांसलर प्रो. एन.के. गुप्ता ने जानकारी दी कि आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 25 फरवरी 2025 तय की गई है। इसके बाद 02 मार्च 2025 को प्रवेश परीक्षा होगी, जिसमें उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा। सफल उम्मीदवारों को फेलोशिप के साथ पीएच.डी. करने का अवसर मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थी विवेक विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.vivekuniversity.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
भारत में रिसर्च को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम
भारत में उच्च शिक्षा और शोध कार्य के लिए वित्तीय सहायता का अभाव एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में विवेक विश्वविद्यालय की यह पहल न केवल शोध को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि प्रतिभाशाली छात्रों को उनके अनुसंधान कार्य में आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगी। इससे बिजनौर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य निजी और सरकारी विश्वविद्यालय भी इसी तरह की योजनाएँ लागू करें, तो देश में शोध और नवाचार की संस्कृति को और अधिक मजबूती मिलेगी। विवेक विश्वविद्यालय का यह निर्णय बिजनौर के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।











