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संत रविदास की 665वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

संत रविदास की 665वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

बलरामपुर । माघ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर संत शिरोमणि रविदास की 665वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। नगर के मोहल्ला खलवा स्थित संत रविदास मंदिर प्रबंधन समिति के तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

जयंती समारोह का शुभारंभ 11 फरवरी की शाम 6:00 बजे मंदिर में कलश पूजन और राम नाम जप के साथ हुआ। इसके बाद 12 फरवरी को दोपहर 3:00 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसकी अध्यक्षता मंदिर समिति के अध्यक्ष राधेश्याम एवं महामंत्री आशीष गौतम ने की। शोभायात्रा में संत रविदास, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, गौतम बुद्ध, गुरु नानक और मीराबाई की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। विशेष रूप से संत रविदास जी की विशाल प्रतिमा और उनकी प्रसिद्ध कथा “सीना फाड़ जनेऊ दिखाने” की झांकी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर गई।

इस शोभायात्रा में समिति के कार्यकर्ता रमेश गौतम, विनोद गौतम, जनार्दन, सुनील, राजकुमार, धरमवीर, दिलीप, बजरंगी, संतोष गौतम, लाल जी, रामानंद, प्रेम कुमार, अशोक, उमेश, धनी राम, बनारसी लाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने संत रविदास के विचारों को आत्मसात करने और समाज में समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। उनके प्रसिद्ध वचन “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का भावार्थ बताते हुए संतों और वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला।

जयंती के इस पावन अवसर पर नगर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने संत रविदास की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान किया और समाज में समानता व भाईचारे का संदेश दिया।

 

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